साल 2026 का पहला खगोलीय ग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जा रहा है। अगर आप इसे सीधे आसमान में नहीं देख पा रहे हैं, तो आप चंद्र ग्रहण 2026 लाइव अपने मोबाइल पर भी आसानी से देख सकते हैं।
भारत में कितने बजे दिखेगा चंद्र ग्रहण?
वैश्विक स्तर पर यह खगोलीय घटना कई घंटों तक चलेगी। हालांकि, भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। इसलिए ग्रहण का पूरा चरण यहां दिखाई नहीं देगा। उपलब्ध विवरणों के मुताबिक, भारत में यह ग्रहण शाम 6:30 बजे से शुरू होकर 6:45 बजे तक दिखेगा। करीब 15 मिनट की इस अवधि में आसमान में एक अद्भुत नजारा होगा।
चंद्र ग्रहण 2026 लाइव: अपने स्मार्टफोन पर कैसे देखें?
अगर आपके इलाके में आसमान साफ नहीं है या ग्रहण दिखाई नहीं दे रहा है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे चंद्र ग्रहण 2026 लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए इस खगोलीय घटना का आनंद ले सकते हैं। दुनिया भर की कई प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियां और वेधशालाएं (Observatories) इसका सीधा प्रसारण करेंगी। आप यूट्यूब या स्पेस एजेंसियों की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसे देख सकते हैं।
पूर्ण चंद्र ग्रहण और ब्लड मून क्या है?
विज्ञान के अनुसार, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, तब चंद्र ग्रहण होता है। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा पर अंधेरा छा जाता है। 3 मार्च को होने वाली यह घटना एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है।
इस दौरान चंद्रमा धीरे-धीरे गहरे लाल रंग का हो जाता है। पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरने वाली सूरज की रोशनी के प्रकीर्णन (Rayleigh Scattering) के कारण ऐसा होता है। इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ (Blood Moon) का नाम दिया गया है।

भारत के किन राज्यों में दिखेगा सबसे साफ?
भारत के पूर्वी हिस्सों में इस ग्रहण की दृश्यता सबसे अधिक होगी। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में लोग इसे बेहतर तरीके से देख पाएंगे। इसके अलावा, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के पूर्वी इलाकों में भी यह साफ दिखाई देगा। अन्य राज्यों में इसका प्रभाव बहुत कम या न के बराबर रहेगा।
वैश्विक स्तर पर ग्रहण की दृश्यता
भारत के अलावा यह ग्रहण दुनिया के कई बड़े हिस्सों में देखा जा सकेगा। एशिया के अन्य देशों, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका और प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में यह पूरी तरह से दिखाई देगा। वहीं, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इसकी विजिबिलिटी काफी कम रहेगी। इन क्षेत्रों के लोग ऑनलाइन माध्यमों का सहारा ले सकते हैं।
ग्रहण लगभग साढ़े पांच घंटे तक क्यों चलेगा?
खगोलीय जानकारों के अनुसार, यह पूरा चंद्र ग्रहण लगभग साढ़े पांच घंटे की अवधि का होगा। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा की रात को ही लगता है। इस समय चंद्रमा और सूर्य पृथ्वी के बिल्कुल विपरीत दिशा में होते हैं। हालांकि, हर पूर्णिमा को ग्रहण नहीं लगता है। चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से थोड़ी झुकी होती है, जिसके कारण यह दुर्लभ संयोग कभी-कभी ही बनता है।
क्या चंद्र ग्रहण देखने के लिए खास उपकरणों की जरूरत है?
सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित होता है। इसके लिए किसी विशेष चश्मे या फिल्टर की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, अगर आप चंद्रमा की सतह और उसके लाल रंग की बारीकियों को समझना चाहते हैं, तो दूरबीन (Binoculars) या छोटे टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे ग्रहण देखने का अनुभव और भी शानदार हो जाता है।
ऑनलाइन स्ट्रीमिंग से जुड़ी जरूरी बातें
स्मार्टफोन पर सीधा प्रसारण देखने के लिए एक अच्छे इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होगी। नासा (NASA) और टाइम एंड डेट (Time and Date) जैसी वेबसाइट्स अक्सर ऐसे बड़े खगोलीय आयोजनों की लाइव कवरेज करती हैं। आप इन प्लेटफॉर्म्स पर जाकर पहले से रिमाइंडर सेट कर सकते हैं, ताकि ग्रहण शुरू होते ही आपको तुरंत नोटिफिकेशन मिल जाए।
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