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Chanakya Niti | जीवन में सफलता पाने के लिए मनुष्य पशुओं से सीख सकता है बीस गुण

Chanakya Niti Hindi Mein: आचार्य चाणक्य के नीतिशास्त्र के अनुसार मनुष्य को विभिन्न पशु-पक्षियों से भी सीखना चाहिए, और उनके उत्तम गुणों को ग्रहण करना चाहिए, आचार्य चाणक्य ने मनुष्य को पशुओं से विभिन्न गुणों को सीखने की सलाह दी है। इसमें से सिंह(शेर) से एक गुण, बगुले से एक गुण, मुर्गे से चार गुण, कौए से पांच गुण, कुत्ते से छः गुण और गधे से तीन गुण मनुष्य को ग्रहण करने योग्य हैं। आचार्य कहते हैं जो मनुष्य इन गुणों को ग्रहण करता है वह सदैव ही सफल होगा, चाहे सफलता में कुछ व्यक्त भले लग जाए।

इनमें से कौन सा गुण किस पशु पक्षी से ग्रहण करना चाहिए आइए जानते हैं-

एक गुण सिंह से: आचार्य चाणक्य कहते हैं मनुष्य को शेर से एक गुण ग्रहण करना चाहिए, और वह कोई काम सारी शक्ति लगाकर करना चाहिए, काम चाहे छोटा हो बड़ा सिंह की तरह उस कार्य के पीछे मनुष्य को बिना बहाने बाजियों के जुट जाना चाहिए।

एक गुण बगुले से: आचार्य कहते हैं बगुले से जो गुण मनुष्य सीख सकता है वह है एकाग्रता, जिस प्रकार बगुला सब कुछ भूल कर एकाग्रचित्त होकर अपना कार्य करता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी किसी कार्य में बगुले के समान ही एकाग्रचित्त होकर करना चाहिए तभी मनुष्य सफल हो सकता है।

चार बातें मुर्गे से सीखनी चाहिए: प्रातः काल में जगना, जिंदगी के संघर्षों के लिए हमेशा तत्पर रहना, अपने भाई-बंधुओं के साथ मिलकर खाना, और जीवन में संघर्ष करके सफल होना, यही मुर्गे से सीखा जा सकता है। मनुष्य को चाहिए, मुर्गे से इन गुणों को ग्रहण करें।

कौए से सीखी जाने वाली पाँच बातें: आचार्य चाणक्य कहते हैं कौए के पाँच अनुपम गुण जो मनुष्य ग्रहण कर सकता है। पहली है उसकी चेष्टा अर्थात उसका प्रयास, वह असफल होने के बाद भी प्रयास करता रहता है। कौए का दूसरा उत्तम गुण जो मनुष्य ग्रहण कर सकता है, वह है समय-समय पर उसके संग्रह करने की प्रवृत्ति, इसी तरह मनुष्य को भी समयानुसार धन का संचय करते रहना चाहिए। कौए का तीसरा उत्तम गुण है हमेशा चौकन्ना रहने का इसी तरह मनुष्य को भी हमेशा सावधान रहना चाहिए। इसके अलावा अन्य दो गुण मनुष्य ग्रहण कर सकता है वह है समय अनुसार चलना और किसी पर भी अत्यधिक भरोसा नहीं करना चाहिए।

कुत्ते से सीखने योग्य छः बातें: आचार्य चाणक्य कहते हैं मनुष्य कुत्ते से छः बातें सीखकर उसे ग्रहण कर सकता है। बहुत धिक खाने की शक्ति, परंतु स्थिति अनुसार थोड़े में संतोष कर लेना। मनुष्य को कुत्ते की तरह ही सब भुलाकर गहरी निद्रा लेनी चाहिए, लेकिन कुत्ते गहरी निद्रा के बाद भी जल्दी ही जग जाते हैं, मनुष्य को भी ऐसे ही होना चाहिए। इसके अलावा स्वामीभक्ति और शूरवीरता अन्य दो गुण हैं, जो मनुष्य कुत्ते से ग्रहण कर सकता है।

गधे से सीखने योग्य तीन बातें: आचार्य कहते हैं, मनुष्य गधों से भी तीन बातें सीख कर उन्हें ग्रहण कर सकता है। अत्यंत थक जाने के बाद भी बोझा ढोते रहना, कभी-कभी मनुष्य बहुत थका हुआ रहता है, लेकिन जीवन के संघर्षों के लिए सदैव चलते रहना, यह गुण मनुष्य गधे से ग्रहण कर सकता है। कभी सर्दी गर्मी का ख्याल नहीं रखना और परम संतोषी स्वाभाव का होना।

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