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रीवा में ध्वनि प्रदूषण पर नकेल: यातायात पुलिस की सख्ती, प्रेशर हॉर्न वाली कई बसों का कटा चालान

Challans issued for many buses with pressure horns

Challans issued for many buses with pressure horns

Challans issued for many buses with pressure horns: सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों की अवहेलना करते हुए शहर में बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण पर आखिरकार यातायात पुलिस ने सख्ती दिखाई है। रीवा शहर के पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न के खुलेआम इस्तेमाल को रोकने के लिए शनिवार को यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, जय स्तंभ के पास प्रेशर हॉर्न का उपयोग कर रही कई बसों के चालान काटे गए और उनके चालकों को कड़ी चेतावनी दी गई।

स्थानीय लोगों के लिए ‘सिरदर्द’ बन चुका था प्रेशर हॉर्न

पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, यहाँ के निवासियों और व्यापारियों के लिए लंबे समय से ध्वनि प्रदूषण का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह 4 बजे से देर रात तक बसों से निकलने वाली तेज प्रेशर हॉर्न की कर्कश आवाज ने ध्वनि प्रदूषण को चरम पर पहुंचा दिया है। स्थानीय रहवासियों ने शिकायत की है कि इस लगातार और असहनीय शोर के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की नींद और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। शोर के कारण लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था।

व्यापारी संघों की शिकायत के बाद कार्रवाई

पुराना बस स्टैंड व्यापारी संघ और गोलपार्क कृषि व्यापारी संघ ने इस समस्या को लेकर कई बार यातायात थाना प्रभारी को लिखित शिकायतें सौंपकर स्थायी समाधान की मांग की थी। लंबे इंतजार के बाद, पुलिस ने आज यह कार्रवाई शुरू की है।

यातायात पुलिस की सख्त चेतावनी

यातायात थाना प्रभारी ने बताया कि यह अभियान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। उन्होंने बस ऑपरेटरों और चालकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अगर भविष्य में किसी भी बस में प्रेशर हॉर्न लगा पाया गया या उसका उपयोग किया गया, तो न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि परमिट रद्द करने जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यातायात पुलिस ने आश्वासन दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि शहर को प्रेशर हॉर्न के शोर से मुक्त किया जा सके।

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