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सिंगरौली में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा चकडेम, निर्माण के 15 दिन बाद पहली ही बारिश में ढहा लाखों का निर्माण

Chakdam falls prey to corruption in SingrauliChakdam falls prey to corruption in Singrauli

Chakdam falls prey to corruption in Singrauli

सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से घटिया निर्माण और सरकारी पैसे के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ देवसर जनपद पंचायत के ग्राम कठदहा में लाखों रुपये की लागत से बना एक चकडेम पहली ही बारिश की मार नहीं झेल सका और पूरी तरह से ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सिर्फ 15 दिन में ही जमींदोज़ हुआ निर्माण

स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस चकडेम का निर्माण कार्य महज 15 दिन पहले ही पूरा हुआ था। चकडेम अभी ठीक से सूखा भी नहीं था कि सीजन की पहली और मामूली बारिश का दबाव भी यह संरचना बर्दाश्त नहीं कर सकी। चकडेम के क्षतिग्रस्त होने और पानी में बहने का एक वीडियो भी गुरुवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का साफ तौर पर आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने बड़े पैमाने पर अनियमितता की और गुणवत्ता के साथ खुला समझौता किया गया।

मूल्यांकन और भुगतान की होगी जांच

इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए देवसर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सूरज मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस चकडेम का निर्माण ग्राम पंचायत एजेंसी द्वारा कराया गया था और अभी तक इसका आधिकारिक मूल्यांकन भी नहीं हुआ था। सीईओ ने कहा कि इस बात की भी गहनता से जांच की जा रही है कि क्या इस अधूर या घटिया निर्माण का कोई भुगतान किया गया है, और यदि राशि जारी हुई है तो वह कितनी है।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

सीईओ सूरज मिश्रा ने मीडिया को आश्वस्त करते हुए कहा कि चकडेम के क्षतिग्रस्त होने के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी जांच टीम गठित की जा रही है। जांच रिपोर्ट में यदि तकनीकी खामी के बजाय निर्माण में लापरवाही, घटिया सामग्री का उपयोग या किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार सरपंच, सचिव या संबंधित तकनीकी अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सभी की निगाहें अब तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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