CEO of Ram Mandir : श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ( Shree Ram Janmbhumi Trust) की बुधवार को अयोध्या में हुई बैठक में भगवान राम मंदिर के संचालन को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति कर दी है।
जितेंद्र मिश्र बने श्री राम मंदिर के सीईओ
राम मंदिर के संचालन को लेकर हुई इस इस बैठक में ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को राम मंदिर का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। ट्रस्ट ने यह फैसला चुने गए समिति की सलाह पर लिया। उम्मीद है कि वे जल्द ही अपने काम संभालेंगे। बैठक में ट्रस्ट के तीन खाली पदों को भी भरा गया है। महेश भागचंदका, मदनमोहन पांडेय और डॉ. निर्मला यादव को नए ट्रस्टी बनाया गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट में 15 सदस्यीय समूह होंगे
इसके साथ ही, राम मंदिर ट्रस्ट का 15 सदस्यीय समूह तय हो गया है। बैठक में पदों की जिम्मेदारी भी बदली गई है। पहले कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वामी गोविंददेव गिरि अब महामंत्री बनेंगे। महेश भागचंदका नए कोषाध्यक्ष होंगे। यह बैठक मणिराम दास की छावनी में दो हिस्सों में हुई। पहले हिस्से में नए ट्रस्टी बनाने पर चर्चा हुई, और दूसरे हिस्से में सीईओ के नाम पर फैसला लिया गया।
इस बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने की। बैठक में नए महामंत्री गोविंद देव गिरि, जगतगुरु वासुदेवानंद सरस्वती, परमानंद, महंत दिनेंद्र दास, डॉ. कृष्ण मोहन, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, महंत कमल नयन दास, बजरंग लाल बांगड़ा, विहिप के दिनेश चंद्र, ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले, राज गोपाल मिनियार और समीर पांडा मौजूद रहे। इसके अलावा जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ, के परासरण, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े रहे।
नकद चढ़ावे की गिनती में तकनीक का इस्तेमाल
इस बैठक में एसआईटी की जांच की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अभी इस पर फैसला टाल दिया गया है। साथ ही, वित्तीय अनियमितताओं की जांच के बारे में भी बात हुई। ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर भी चर्चा की और उसके आदेश का ध्यान रखा, ताकि सच्चाई सामने आए और लोग भ्रम में न रहें।
चढ़ावे की नकदी की गिनती में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। महामंत्री के अनुसार, नकद चढ़ावे की गिनती के लिए नई तकनीक पर काम चल रहा है। दो बैंक और आईआईटी से प्रस्ताव आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जल्द ही इस क्षेत्र में भी नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू होगा।
ट्रस्ट के पास अभी 1882 करोड़ रुपये जमा हैं
ट्रस्ट के पास अभी 1882 करोड़ रुपये जमा हैं। वित्त वर्ष 2025-26 का हिसाब-किताब भी बैठक में दिखाया गया और मंजूर किया गया। इस दौरान 237 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि 91 करोड़ रुपये खर्च हुए। मंदिर और अन्य निर्माण पर 425 करोड़ रुपये का खर्च भी हुआ है। 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास कुल 1882 करोड़ रुपये की रकम थी। ट्रस्ट ने अपने सालाना खर्च और आय का हिसाब भी पास कर दिया है।
ट्रस्ट के प्रमुख और सदस्य : इस ट्रस्ट के प्रमुख हैं महंत नृत्यगोपाल दास। महामंत्री बनाए गए हैं स्वामी गोविंददेव गिरि। नए ट्रस्टी हैं मदनमोहन पांडेय और महेश भागचंदका। इस ट्रस्ट में कई अन्य धार्मिक और सरकारी सदस्य भी शामिल हैं।

