केंद्र सरकार के कर्मचारी पिछले कई महीनों से महंगाई भत्ते के बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस पर कोई घोषणा नहीं की गई है.
इस वजह से कर्मचारियों के मन में एक ही सवाल है कि महंगाई भत्ता बढ़ाने में देरी क्यों हो रही है और इसका ऐलान कब तक होगा.
वर्तमान में कितना मिल रहा है
*फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि जुलाई 2026 से लागू होने वाली बढ़ोतरी के बाद यह बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकता है. हालांकि अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगा.
बढ़ोतरी में देरी क्यों हो रही है
कर्मचारियों को उम्मीद थी कि अक्टूबर में होने वाली कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते पर फैसला लिया जाएगा. 14 अक्टूबर को हुई बैठक में सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए बोनस को मंजूरी दे दी, लेकिन महंगाई भत्ते पर कोई घोषणा नहीं हुई.
इसके बाद 16 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने अन्य केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी बोनस का ऐलान किया. इस बार भी महंगाई भत्ते पर कोई फैसला नहीं आया. दशहरे से पहले भी कर्मचारियों को इस बारे में कोई खुशखबरी नहीं मिली.
कुछ कर्मचारी संगठनों को उम्मीद थी कि बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते पर फैसला हो सकता है, लेकिन उस दिन बैठक ही नहीं हुई.
क्या कैबिनेट बैठक जरूरी है
कई लोगों को लगता है कि महंगाई भत्ते की घोषणा के लिए हर बार कैबिनेट बैठक होना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है. जानकारी के अनुसार वित्त मंत्रालय भी इस बारे में आदेश जारी कर सकता है. इसलिए बैठक न होने का मतलब यह नहीं है कि महंगाई भत्ता नहीं बढ़ेगा.
कितना बढ़ सकता है महंगाई भत्ता
फिलहाल महंगाई भत्ते की दर 60 प्रतिशत है. जुलाई 2025 से जून 2026 तक के महंगाई के आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है.
पिछले वर्षों में महंगाई भत्ता इस तरह बढ़ा है
-22 अप्रैल 2026 – 60 प्रतिशत
-6 अक्टूबर 2025 – 58 प्रतिशत
-2 अप्रैल 2025 – 55 प्रतिशत
-21 अक्टूबर 2024 – 53 प्रतिशत
-12 मार्च 2024 – 50 प्रतिशत
-20 अक्टूबर 2023 – 46 प्रतिशत
इस हिसाब से हर 6 महीने में 2 से 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है. इस बार भी 3 प्रतिशत बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है. अब केवल सरकार के आदेश का इंतजार है.

