Causes Of Premature Ageing : 8 घंटे तक काम करना बना रहा आपको बूढ़ा, जानें किन आदतों से बचें 

Causes Of Premature Ageing : क्या आप भी वर्किंग हैं और आठ घंटे चेयर पर बैठकर काम करते हैं, तो आप अपनी सेहत को खतरे में डाल रहें हैं। आठ घंटे से अधिक बैठना स्मोकिंग जितना ही खतरनाक हो सकता है। जानिए वे आठ आदतें, जो समय से पहले बूढ़ापे का कारण बन सकती हैं। हमारी कुछ आदतें ऐसी होती हैं, जिनका प्रभाव हमारी लाइफस्टाइल पर पड़ता है।

शरीर के अंदर इन कमियों से होती है एजिंग 

आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना ट्रेंड बन गया है, लोग शराब छोड़ रहे हैं, जंक फूड से दूरी बना रहे हैं और फिट रहने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन फिर भी एक सच्चाई ऐसी है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, वह है कि हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें धीरे-धीरे उम्र बढ़ाने का काम कर रही हैं। एजिंग सिर्फ झुर्रियों या सफेद बालों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर, सेल्स के स्तर पर बदलाव से होती है। 

रोजाना 8 घंटे बैठना मेटाबोलिज्म धीमा करता है

सबसे पहली आदत है लंबे समय तक बैठना। लोग रोजाना 8 घंटे से अधिक बैठते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते, उनमें मृत्यु का खतरा मोटापे या धूम्रपान जितना हो सकता है। हालांकि, रोजाना 60 से 75 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी इस खतरे को कम कर सकती है। लंबे समय तक बैठे रहने से मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है और शरीर के डीएनए के टेलोमीयर तेजी से छोटे हो जाते हैं, जो उम्र बढ़ाने में सहायक होते हैं।

कम. घंटे सोना हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है

दूसरी बड़ी वजह है नींद की कमी। अगर आप मानते हैं कि 5 घंटे की नींद पर्याप्त है, तो यह शरीर के साथ समझौता है। नेशनल हार्ट, लंग्स एंड ब्लड इंस्टिट्यूट के अनुसार, उम्र के अनुसार नींद की जरूरत अलग-अलग होती है और इसकी अनदेखी लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है, हार्मोन का संतुलन बनाता है और ऊर्जा पुनः प्राप्त करता है। लगातार नींद पूरी न होने से त्वचा, इम्यून सिस्टम और याददाश्त पर बुरा असर पड़ता है।

तनाव में रहने से कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है

तीसरी आदत है तनाव में रहना। जब तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, जो त्वचा को नुकसान पहुंचाता है और झुर्रियों को जल्दी लाता है। इसके अलावा, यह दिल, पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव डालता है।

देर रात तक मोबाइल देखना 

चौथी आदत है स्क्रीन टाइम का ज्यादा इस्तेमाल करना। अत्यधिक मोबाइल और लैपटॉप का अधिक उपयोग नींद के चक्र को बिगाड़ सकता है और ब्लू लाइट के कारण त्वचा पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। देर रात तक स्क्रीन देखने की आदत एजिंग को तेज कर सकती है। पांचवी आदत है कम पानी पीना। डिहाइड्रेशन से त्वचा बेजान और सूखी दिखने लगती है, और शरीर के कई जरूरी कार्य धीमे हो जाते हैं। पानी शरीर को डिटॉक्स करने और सही ढंग से काम करने में मदद करता है।

ज्यादा चीनी का सेवन करता है

इनके अलावा, छहवीं आदत है ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन। अधिक शुगर से शरीर में ग्लाइकेशन प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे त्वचा की इलास्टिसिटी कम हो जाती है और झुर्रियां जल्दी आ जाती हैं। सातवीं आदत है स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को नजरअंदाज करना।

उम्र के साथ मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और अगर नियमित व्यायाम न किया जाए, तो यह प्रक्रिया और भी तेज हो सकती है, जिससे शरीर कमजोर और सुस्त हो सकता है। आठवीं और महत्वपूर्ण आदत है सोशल कनेक्शन को नजरअंदाज करना। रिसर्च में पाया गया है कि अकेलापन और सामाजिक दूरी समय से पहले मौत के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

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