रीवा: नौबस्ता चौकी क्षेत्र स्थित जेपी पावर प्लांट की एचई-डब्ल्यू कैंटीन में कार्यरत कर्मचारी राजेश सोधिया की शनिवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक हृदयगति रुकने से हुई मौत के मामले में आखिरकार सोमवार को तीसरे दिन समझौता हो गया, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजनों का आरोप था कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत की थी, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया, जिससे उनकी जान चली गई। इसी के विरोध में रविवार को सैकड़ों कर्मचारी और परिजन संजय गांधी चिकित्सालय के बाहर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे थे और 30 लाख रुपए मुआवजे, पत्नी को प्रतिमाह पेंशन तथा आश्रित को नौकरी की मांग पर अड़े हुए थे, जिसके कारण पिछले दो दिनों से पोस्टमॉर्टम रुका हुआ था।
रविवार शाम जेपी प्रबंधन, पुलिस और परिजनों के बीच हुई उच्च स्तरीय चर्चा के बाद आखिरकार सहमति बन गई। समझौते के तहत प्रबंधन ने मृतक की पत्नी को आजीवन पेंशन और आश्रित बेटे को नौकरी देने के साथ-साथ बीमा के नियमों के अनुसार मुआवजा व आर्थिक सहायता प्रदान करने का लिखित आश्वासन दिया। इस सहमति के बनने के बाद सोमवार सुबह तीसरे दिन राजेश सोधिया के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।

