Cancer Risk : हाल ही के सालों में कम उम्र के लोगों में भी कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। डॉक्टर के अनुसार या बदलाव केवल जेनेटिक्स ही नहीं बल्कि आधुनिक लाइफस्टाइल से भी जुदा हो सकता है गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी के अनुसार बच्चों में खान-पान की आदतें और gut हेल्थ इस बढ़ते खतरे में अपनी एक बड़ी भूमिका दे रहे हैं।
युवाओं में Cancer क्यों बढ़ रहा है?
डॉक्टर सौरभ शेट्टी का कहना है कि पहले कैंसर की बीमारी को उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था लेकिन अब 50 साल से कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले देखे जा रहे हैं। खासतौर पर कोलोरेक्टल कैंसर के मामले मैं ज्यादातर वृद्धि होने से डॉक्टर भी चिंतित है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की जानकारी के अनुसार आज के समय में लोग प्रोसेस्ड फूड और काम फाइबर अल आहार कहते हैं जिस कारण शरीर की सुरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
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डाइट और गट हेल्थ की जरूरी भूमिका
डॉक्टरों के अनुसार, खराब गट हेल्थ शरीर में सूजन की समस्या बढ़ा देती है जो लंबे समय में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। जब डाइट में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट की कमी हो जाती है तो शरीर की कोशिकाएं डैमेज होकर खुद को बचाने में कम सक्षम होती है। यही कारण है कि संतुलित आहार को अब कैंसिल प्रिवेंशन के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जाता है।
ये सुपरफूड कम कर सकते हैं Cancer Risk
डॉक्टर के द्वारा कुछ ऐसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों को खाने का सुझाव दिया गया है जो शरीर की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकता है जैसे पर्पल शकरकंद, ब्रोकली स्प्राउट्स, कीवी आदि। पर्पल शकरकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन को कम करने में मदद करते हैं। ब्रोकली स्प्राउट्स में डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करने के तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं इसलिए अगर आप ब्रोकली को कहते हैं तो यह आपके शरीर में डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करता है।
कीवी में विटामिन सी और फाइबर मौजूद रहता है साथ ही बींस खाने से हाई फाइबर इसमें होने के कारण गट हेल्थ सुधारने में मदद मिलती है। आप चाहे तो कैंसर के खतरों को कम करने के लिए ग्रीन टी का सेवन भी कर सकते हैं क्योंकि इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट बॉडी के सेल डैमेज को कम करने में मदद करते हैं।
कोई एक फूड से कम नहीं होगा कैंसर रिस्क
डॉक्टर के द्वारा दी जाने वाली जानकारी के अनुसार कोई भी एक सुपर फूड कैंसर के खतरों को पूरी तरह से काम नहीं कर सकता है लेकिन अगर लंबे समय तक संतुलित और फाइबर युक्त डाइट अगर आप अपनाते हैं तो इससे शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली बेहतर हो सकती है। नियमित स्वस्थ भोजन और एक्टिव लाइफस्टाइल और बेहतर पाचन स्वास्थ्य होने से कैंसर के रिस्क को कम करने में मदद मिलती है।
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डॉक्टरों की सलाह
कैंसर के खतरों को कम करने के लिए डॉक्टरों का मानना है कि शुरुआती उम्र से ही व्यक्ति को संतुलित आहार खाना चाहिए। छोटे-छोटे बदलाव जैसे ताजा फल सब्जियां और फाइबर युक्त का भोजन करने से गंभीर बीमारियों के खतरों को काम किया जा सकता है इसलिए बदलती जीवन शैली के दौर में जागरूक खानपान अब केवल फिटनेस ही नहीं बल्कि लंबे समय की स्वास्थ्य जरूरत बनता जा रहा है।

