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Tata Group के इस शेयर को खरीदें! JPMorgan ने दी Advice, जानें Target Price

Stock market trading screen highlighting shares on investors watchlist including BEL

Tata Group की नई लिस्टेड कंपनी Tata Capital Ltd के शेयरों में आज यानी बुधवार को तेज़ी देखने को मिल रही है. जी हां शेयर में बुधवार को 1 प्रतिशत की तेज़ी देखी गई, जिससे यह शेयर 323 रुपये के इंट्राडे हाई लेवल को टच किया. इस तेज़ी का कारण यह है कि ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने स्टॉक पर कवरेज शुरू की है. ब्रोकरेज के इस भरोसे के बाद स्टॉक पर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ गई है.

JPMorgan ने दिखाया भरोसा

ब्रोकरेज ने इस शेयर पर आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है. इसके लिए ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 370 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है. यह टारगेट प्राइस स्टॉक के पिछले बंद भाव से 15 प्रतिशत की तेज़ी की संभावना को दिखाता है.

क्या कहा ब्रोकरेज ने

गौरतलब है ब्रोकरेज ने कहा कि, टाटा कैपिटल अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तेज़ी से बढ़ने और ज़्यादा बाज़ार हिस्सेदारी हासिल करने की मज़बूत स्थिति में है. ऐसा इसलिए है क्योंकि कंपनी का वित्तीय आधार मज़बूत है, प्रोडक्ट्स की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है, और इसका बिक्री और सेवा नेटवर्क मज़बूत है जो ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों पर सुचारू रूप से काम करता है.

रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान

टाटा कैपिटल हमेशा विकास की ओर बढ़ने से पहले रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देती है. इस सावधानीपूर्वक नजरिए के कारण, कंपनी के फंसे हुए लोन और इंडस्ट्री में अन्य कंपनियों की तुलना में कम लोन लागत है. इससे जेपी मॉर्गन को भरोसा है कि टाटा कैपिटल बिना किसी बड़े नुकसान के कठिन समय का सामना कर सकती है, जब लोन की क्वालिटी आमतौर पर खराब हो जाती है.

ये भी है ब्रोकरेज का मानना

जेपी मॉर्गन का मानना है कि टाटा कैपिटल अभी भी अपने प्रॉफिट मार्जिन (NIM) में सुधार कर सकती है, डूबते लोन की लागत कम कर सकती है और ऑपरेटिंग खर्च को कम कर सकती है. हालाँकि, कंपनी का कुल आरओए वित्त वर्ष 26 में थोड़ा घटकर 1.9% रह जाने की उम्मीद है. इस गिरावट का मुख्य कारण टाटा मोटर्स फाइनेंस का टाटा कैपिटल में विलय है, जिससे कंपनी के लाभ पर अस्थायी रूप से असर पड़ेगा.

नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी

गौर करने वाली बात यह भी है की ब्रोकरेज को उम्मीद है कि टाटा कैपिटल का नेट प्रॉफिट वित्त वर्ष 26 से वित्त वर्ष 28 तक हर साल लगभग 30% की दर से बहुत तेज़ी से बढ़ेगा. जी हां कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE), जो दिखाता है कि शेयरधारकों के पैसे से उसे कितना फायदा होता है, इन सालों के दौरान लगभग 13.5% से 14.5% के लेवल पर मज़बूत बना रहेगा, यह भी उम्मीद है.

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