उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास स्थित बेगमबाग क्षेत्र में शनिवार सुबह बुलडोज़र चलाया गया। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने एक दर्जन से अधिक इमारतों पर कार्रवाई की। यह कार्रवाई हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और मंदिर के लिए बनाई जा रही टनल के रास्ते में रुकावट बन रही इमारतों कर की गई। जिन इमारतों पर कार्रवाई की गई उनकी लीज की अवधी समाप्त हो चुकी थी, और नवीनीकरण नहीं कराया गया था। कार्रवाई से पहले सम्बंधित पक्षों को नोटिस दिए गए थे। कोर्ट से स्टे हटने के बाद प्रशासन ने एक्शन लिया है। कार्रवाई को 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियों के तहत अंजाम दिया गया।
भारी पुलिस बल तैनाती के बीच हुई कार्रवाई
शनिवार सुबह 8 बजे के आस पास बेगमबाग इलाके बड़ी संख्या में पुलिस बल, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अधिकारी और नगर निगम की संयुक्त टीमें मौजूद रहीं। मकानों को हटाने के लिए 7 पोकलेन, 4 जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद ली गई। मौके पर पुलिस बल, नगर निगम, और उज्जैन विकास प्राधिकरण के 50 से अधिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की देख रेख में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अधिकारीयों के अनुसार इमारतों का इस्तेमाल लीज की शर्तों के विपरीत व्यावसयिक तौर किया जा रहा था। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत ट्रैफिक व्यवस्था और आवागमन बेहतर बनाने के लिए कार्रवाई है। इसके पहले भी 72 मकान और दुकानों पर पहले चल चुका है बुलडोज़र।
ब्रिज निर्माण में बन रहे थे बाधा
ध्वस्त की इमारतों के स्थान पर हरिफाटक ब्रिज का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और मंदिर के लिए बनाई जा रही टनल के रास्ते में बाधा बन रहे इन मकानों को हटाया गया। यहां अवैध रूप से चिकन सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट, डेरी, होटल, गेस्टहाउस व अन्य दुकानें संचालित की जा रही थी। मिली जानकारी के अनुसार उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बेगमबाग इलाके में 45 भूखंड, प्रत्येक 2400 वर्गफीट, 30 साल की लीज पर केवल आवासीय इस्तेमाल के लिए दिए थे। आरोप है कि भूखंड धारकों ने लीज शर्तों का उल्लंघन कर इनका व्यावसायिक उपयोग करना शुरू कर दिया था। इसके साथ 45 प्लॉटों को छोटे हिस्सों में बांटकर करीब 90 इमारतें खड़ी कर दी गईं।

