सागर। मध्यप्रदेश में शराबमाफियाओं के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन सामने आ रहा है। प्रदेश के सागर जिले में गुरूवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जहरीली शराब से 29 लोगों की मौत मामले में शराब तस्करों की सम्पत्ति पर बुल्डोजर चलाने की कार्रवाई की जा रही है। शासन-प्रशासन की इस कार्रवाई से माफियाओं में हड़कम्प मच गया है। गुरुवार सुबह भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ प्रशासन के अधिकारी बंडा में अवैध शराब मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों के पांच ठिकानों पर कार्रवाई किए है।
शराब से अर्जित सम्पत्ति पर कार्रवाई
मुख्य आरोपित आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत के बंडा स्थित घर पहुंची है। वहीं ततरवारा सरपंच चंद्र भान उर्फ चंदू सिंह के घर पर भी कार्रवाई के लिए टीम पहुंची। प्रशासन और पुलिस राजस्व विभाग के रिकॉर्ड की गहनता से जांच करने के बाद आरोपियों की संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। बताया जा रहा है कि अवैध अतिक्रमण और कथित अवैध शराब कारोबार से अर्जित संपत्तियों में शामिल मकान और गोदामों को कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
5 स्थानों पर कार्रवाई के लिए चिन्हित
जानकारी के तहत प्रशासन ने पांच स्थानों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किए। इनमें जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे चंद्रभान राजपूत, मनीष लोधी और आशीष साहू के मकान, गोदाम और अनधिकृत तरीके से अर्जित अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
सीएम के आते है एक्शन
बुधवार शाम सागर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस-प्रशासन को आरोपियों और शराब मफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर फ्री हैंड दिया था। जिससे बाद बंडा में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनके अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया।
अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति
प्रदेश सरकार द्वारा अवैध शराब के कारोबार को लेकर अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रशासन का कहना है कि जनस्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश में अवैध शराब कारोबारियों और माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। बंडा में हुई कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कथित तौर पर अवैध रूप से निर्मित मकानों और गोदामों को बुलडोजर की मदद से हटाया गया।

