नईदिल्ली। 3 अगस्त 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद महिला पहलवानों में गहरा रोष है और विनेश फोगाट ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगी और अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।
6 महिला पहलवानों ने लगाया था यौन शोषण का आरोप
18 जनवरी 2023 को पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया समेत करीब 30 पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए। पहलवानों का आरोप था कि बृजभूषण शरण सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई महिला खिलाड़ियों का यौन शोषण किया है। 6 महिला पहलवानों ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। इन आरोपों में भारतीय कुश्ती महासंघ के कुछ कोचों की संलिप्तता की बात भी कही गई।
न्याय के लिए जारी रहेगी लड़ाई
अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह एक राजनीतिक साजिश थी और आज सच्चाई की जीत हुई है। तो वही पहलवानों में निराशा और गुस्सा है। विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि वे इस फैसले से बेहद दुखी और निराश हैं। विनेश फोगाट ने बताया कि महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को उच्च न्यायालय में इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करने का निर्देश दे दिया है। पहलवानों ने कहा है कि उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है और न्याय मिलने तक वे अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।

