BRICS Health की बैठक 24 जुलाई को चंडीगढ़ में आयोजित हुई जिसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों और साझेदार देशों के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हेल्थ सेक्टर में आपसी सहयोग को बढ़ाना महामारी जैसे चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी को मजबूत करना और डिजिटल हेल्थ के साथ-साथ कई जरूरी विषयों पर प्लानिंग बनाना था।
BRICS Health की बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
ब्रिक्स की इस बैठक के दौरान हेल्थ सेक्टर से जुड़े कई सारे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हुई जिसमें डिजिटल हेल्थ यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज टीवी के रिसर्च महामारी की तैयारी मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ गैर संचारी बीमारियों की रोकथाम और आजकल की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देने के बारे में बात कीगई। ऑफिशियल जानकारी में बताया गया की सदस्य देशों ने इस बात पर ध्यान दिया है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए देश के बीच अनुभव तकनीक और रिसर्च साझा करने की जरूरत है। इससे भविष्य की हेल्थ सेक्टर की चुनौतियों को सामना करने में अधिक प्रभावि तरीके से मदद मिलेगी।
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भारत ने BRICS Health के लिए रखे है दो बड़े प्रस्ताव
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भारत की तरफ से दो महत्वपूर्ण बात प्रस्तुत किया। पहला प्रस्ताव ब्रिक्स मिशन फॉर हेल्दी लाइफ़स्टाइल कथा जिसका उद्देश्य लोगों में स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ डायबीटीज हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधित रोगों की बीमारियों की रोकथाम को बढ़ाना था। दूसरा प्रस्ताव ब्रिक्स नेटवर्क का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फॉर मेंटल हेल्दी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में रिसर्च प्रशिक्षण और विशेषज्ञ को शेयर करने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच एक मजबूत नेटवर्क को बताने की बात कही गई है।
डिजिटल हेल्थ और महामारी की तैयारी पर होगा विशेष जोर
BRICS Health की बैठक में डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बनाने पर चर्चा हो रही है हेल्थ रिकॉर्ड को सुरक्षित और बेहतर तरीके से उपयोग करने नई तकनीक को अपने और स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक तेजी से पहुंचने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। केवल इतना ही नहीं इसके अलावा महामारी जैसी आपात की स्थितियों के दौरान दबाव वैक्सीन रिसर्च और मेडिकल जैसे संसाधनों के बेहतर सामान्य पर भी चर्चा सदस्य देशों के विचार शेयर किए गए हैं। इससे भविष्य में किसी भी वैश्विक स्वास्थ्य संगठन से मिलकर निपटने में मदद मिल सकती है।
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ये BRICS Health बैठक क्यों होती है महत्वपूर्ण?
ब्रिक्स का समूह दुनिया की बड़ी आबादी और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है ऐसे में हेल्थ सेक्टर में इन देशों का सहयोग वैश्विक लेवल पर काफी महत्वपूर्ण होता है। बैठक में हुए विचार से स्पष्ट होता है कि सदस्य देश हेल्थ की सेवाओं को ज्यादा सुलह की पार्टी और प्रभावी बनाने के साथ मिलकर काम करना पसंद करते हैं। अगर इन प्रस्ताव पर प्रभावित तरीके से कम होता है तो करोड़ों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा। इस बैठक के माध्यम से भारत ने हेल्थ सेक्टर में अपनी सक्रिय भूमिका दिखाइए विशेष रूप से डिजिटल हेल्थ मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली विषय आने वाले समय में ब्रिक्स देशों के सहयोग का प्रमुख आधार बन सकते हैं।

