Bhopal BRICS Meeting 2026: राजधानी भोपाल में 5 से 8 अगस्त तक ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक (BRICS Culture Ministers’ Meeting) और ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव (BRICS Cultural Festival) का आयोजन होगा। इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने समीक्षा बैठक में सुरक्षा (Security), आवास (Accommodation), परिवहन (Transport), आतिथ्य (Hospitality) और अन्य सभी व्यवस्थाओं को तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
Bhopal BRICS Meeting 2026: राजधानी भोपाल में 5 से 8 अगस्त के बीच होने वाली तृतीय ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप (BRICS Culture Working Group) और ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक (BRICS Culture Ministers’ Meeting) की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा।
सुरक्षा और मेहमाननवाजी पर रहेगा विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में सुरक्षा, परिवहन, आवास, स्वच्छता, आयोजन स्थल और अतिथियों के स्वागत-सत्कार से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन केवल भोपाल ही नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रतिष्ठा का विषय है। ऐसे में सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
चार दिनों तक होंगे अलग-अलग कार्यक्रम
5 से 6 अगस्त: तृतीय ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक।
6 से 7 अगस्त: ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव।
7 से 8 अगस्त: ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक।
इन आयोजनों में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधि, संस्कृति विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
एआई से लेकर सांस्कृतिक विरासत तक होंगे अहम मुद्दे
बैठकों के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और रचनात्मक अर्थव्यवस्था (Creative Economy) जैसे उभरते विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा विदेशों में मौजूद सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी, कलाकारों के कॉपीराइट (Copyright) और बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights-IPR) की सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के बीच संस्कृति की भूमिका तथा पर्यावरण संरक्षण में पारंपरिक ज्ञान के महत्व जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल रहेंगे।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर सफल आयोजन का लक्ष्य
जिला प्रशासन का उद्देश्य इस सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सफल बनाना है। इसके लिए सभी विभागों को समय-सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन भोपाल की वैश्विक पहचान को नई मजबूती देने के साथ-साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और प्रशासनिक क्षमता को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेगा।

