रीवा। शहर के व्यस्ततम अमहिया मार्ग पर यातायात को सुगम बनाने और सड़क चौड़ीकरण के कार्य को गति देने के लिए आज नगर निगम और प्रशासनिक अमले द्वारा अतिक्रमण हटाने की एक बड़ी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के तहत मार्ग में बाधा बन रही एक प्राचीन दरगाह की बाउंड्री वॉल को जनहित और सुव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के मद्देनजर करीब दो फीट पीछे खिसकाया गया है। अमहिया मार्ग पर आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन इस पूरे रूट को चौड़ा करने के मिशन पर काम कर रहा है।
हालांकि, इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मौके पर उस वक्त विरोधाभास और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब एक स्थानीय निवासी जमीन के मालिकाना हक को लेकर सामने आ गईं। स्थानीय निवासी माया सिन्हा ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जिस जमीन को अतिक्रमण बताया जा रहा है, वह उनकी निजी संपत्ति है। उन्होंने कहा कि उनके पास सन 1951-52 के पुराने वैध कागजात और बकायदा पटवारी द्वारा किया गया सीमांकन (नक्शा) मौजूद है, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा उनकी निजी जमीन को जबरन कब्जे की भूमि बताकर उन पर निर्माण हटाने का दबाव बनाया जा रहा है।
दूसरी ओर, मौके पर मुस्तैद नगर निगम और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने इस पूरे विवाद और विरोधाभास पर अपनी स्थिति साफ की है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के व्यापक हित को देखते हुए यह पूरी कार्रवाई आपसी सहमति और समझौते के तहत की गई है। प्रशासनिक दावों के अनुसार, दोनों ही पक्ष जनहित में खुद आगे आकर अपना-अपना हिस्सा हटाने को राजी हुए हैं, ताकि अमहिया मार्ग के विकास में कोई बाधा न आए। बहरहाल, इस कार्रवाई के बाद जहां सड़क चौड़ी होने का रास्ता साफ हुआ है, वहीं निजी जमीन के दावों को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है।

