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Border 2 Movie Review: देशभक्ति और जज्बात का बेजोड़ संगम है फिल्म

Movie poster of Border 2 featuring Sunny Deol, Varun Dhawan, and Diljit Dosanjh in military uniforms.

Border 2 Official Movie Review Poster

करीब तीन दशक के लंबे इंतजार के बाद जेपी दत्ता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए ‘बॉर्डर 2’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। सनी देओल की कड़क आवाज और 1971 के युद्ध की शौर्य गाथा को आधुनिक कलेवर में पेश किया गया है। इस Border 2 Movie Review में हम जानेंगे कि क्या यह फिल्म अपनी पुरानी विरासत का मान रखने में सफल रही है।

युद्ध की विभीषिका और मानवीय संवेदनाओं का ताना-बाना

निर्देशक अनुराग सिंह ने फिल्म की शुरुआत युद्ध के मैदान से न करके, सैनिकों के घरों और उनकी भावनाओं से की है। फिल्म के शुरुआती हिस्से में किरदारों की बैकस्टोरी और उनके रिश्तों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हालांकि, फिल्म की लंबाई 3 घंटे से अधिक है, जो कभी-कभी पहले हाफ में धीमी महसूस होती है। लेकिन जैसे ही कहानी दूसरे भाग में प्रवेश करती है, फिल्म की रफ्तार और रोमांच कई गुना बढ़ जाता है।

Border 2 Official Movie Review Poster

फिल्म में 1971 के भारत-पाक युद्ध की ऐतिहासिक घटनाओं जैसे बैटल ऑफ बसंतर और आईएनएस खुकरी की कहानी को पिरोया गया है। यह सिर्फ गोलियों की गड़गड़ाहट वाली फिल्म नहीं है, बल्कि यह उन माताओं और पत्नियों के दर्द को भी दिखाती है जो सीमा पार बैठे दुश्मनों में भी किसी का बेटा देखती हैं।

अभिनय: सनी देओल का दबदबा और युवा ब्रिगेड का जोश

अभिनय के मोर्चे पर सनी देओल एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब रहे हैं। 68 वर्ष की आयु में भी उनका स्क्रीन प्रेजेंस और डायलॉग डिलीवरी दर्शकों में जोश भर देती है। फिल्म में उन्हें न केवल एक जांबाज सैनिक, बल्कि एक भावुक पिता के रूप में भी दिखाया गया है, जो उनके किरदार को और अधिक गहराई देता है।

वहीं, वरुण धवन ने मेजर होशियार सिंह के चुनौतीपूर्ण किरदार में अपनी बेहतरीन छाप छोड़ी है। वरुण ने उन आलोचकों को करारा जवाब दिया है जो इस भूमिका के लिए उनकी काबिलियत पर संदेह कर रहे थे। दिलजीत दोसांझ ने अपनी सहजता और विशिष्ट कॉमिक टाइमिंग से फिल्म में जान फूँक दी है। अहान शेट्टी ने भी अपने सीमित स्क्रीन टाइम में प्रभावित किया है।

तकनीकी पक्ष: भव्य विजुअल्स और संगीत का जादू

तकनीकी रूप से ‘बॉर्डर 2’ काफी उन्नत नजर आती है। युद्ध के दृश्यों को आधुनिक वीएफएक्स (VFX) की मदद से बड़े पर्दे पर भव्यता के साथ उतारा गया है। सिनेमैटोग्राफी और एक्शन कोरियोग्राफी ऐसी है जो दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखती है। रात के अंधेरे में फिल्माए गए युद्ध के सीन विशेष रूप से प्रभावी बन पड़े हैं।

संगीत की बात करें तो ‘संदेशे आते हैं’ जैसे पुराने गीतों का पुनरुत्थान नॉस्टैल्जिया पैदा करता है। हालांकि, फिल्म के नए गीत मूल फिल्म के संगीत की तरह कालजयी नहीं बन पाए हैं, लेकिन बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के तनाव को बखूबी बढ़ाता है। डायलॉग्स में देशभक्ति का जज्बा है, लेकिन राहत की बात यह है कि वे अत्यधिक उग्र (Jingoistic) नहीं लगते।

Border 2 Movie Review: क्या फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरी?

अगर तुलना 1997 की मूल ‘बॉर्डर’ से की जाए, तो वहां जो मिट्टी की सोंधी खुशबू और किरदारों का कच्चापन था, वह यहाँ थोड़ा कम नजर आता है। नई फिल्म बहुत ज्यादा ‘पॉलिश्ड’ और ग्लैमरस लगती है। किरदारों की वर्दी और मेकअप कई बार उन्हें असल सैनिकों के बजाय फिल्मी सितारे अधिक दिखाता है।

Border 2 Official Movie

इसके बावजूद, फिल्म की नीयत साफ है और यह भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति एक गरिमापूर्ण सम्मान है। फिल्म का क्लाइमैक्स काफी भावुक है और सिनेमाघर से बाहर निकलते समय दर्शकों के मन में एक भारीपन और गर्व छोड़ जाता है।

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