देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के लिए हुए मतदान के बाद आज मतगणना जारी है। BMC Election Results 2026 के शुरुआती रुझानों ने मुंबई की सियासत में हलचल तेज कर दी है। डाक मतपत्रों की गिनती में भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ ने मजबूत बढ़त बनाई है, जबकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन फिलहाल पिछड़ता नजर आ रहा है।
BMC Election Results 2026: महायुति का शुरुआती दबदबा
मुंबई के अलग-अलग मतगणना केंद्रों से आ रहे आंकड़ों के अनुसार, महायुति गठबंधन ने अब तक 50 से अधिक वार्डों में अपनी लीड सुरक्षित कर ली है। शुरुआती पोस्टल बैलेट की गिनती में भारतीय जनता पार्टी 35 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना 17 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
बीते आठ सालों से इस चुनाव का इंतजार कर रही मुंबई की जनता के लिए यह नतीजे बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं। साल 2022 में मेयर का कार्यकाल खत्म होने के बाद से बीएमसी का प्रशासन प्रशासक के हाथों में था। अब चार साल के लंबे अंतराल के बाद शहर को नया महापौर मिलने की उम्मीद जगी है।

ठाकरे भाइयों की रणनीति पर संशय
इस चुनाव में सबसे ज्यादा नजरें उद्धव ठाकरे (Shiv Sena UBT) और राज ठाकरे (MNS) के गठबंधन पर टिकी थीं। हालांकि, सुबह के रुझान उनके लिए उत्साहजनक नहीं रहे। शिवसेना (यूबीटी) फिलहाल 22 सीटों पर आगे है, जबकि राज ठाकरे की मनसे केवल 8 सीटों पर बढ़त बना पाई है। कांग्रेस की स्थिति और भी नाजुक दिख रही है, जो मात्र 4 सीटों तक सिमटी हुई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यह ठाकरे परिवार की साख के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। मुंबई के पारंपरिक वोट बैंक में सेंधमारी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिसका सीधा फायदा महायुति को मिलता दिख रहा है।
मतदान प्रतिशत और जनता का मूड
राज्य चुनाव आयोग (SEC) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बार मुंबई में 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। कुल 1.03 करोड़ मतदाताओं में से करीब 54.76 लाख लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दिलचस्प बात यह है कि इस चुनाव में पुरुष मतदाताओं की भागीदारी महिलाओं की तुलना में करीब 3.7 लाख अधिक रही है।
चुनाव के दौरान पारदर्शिता को लेकर कई आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। उद्धव गुट और मनसे ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, लेकिन चुनाव आयोग ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। अब सबकी नजरें ईवीएम (EVM) के राउंड्स पर टिकी हैं, जो हार-जीत का अंतिम फैसला करेंगे।

पिछले चुनावों से तुलना: क्या बदलेगा समीकरण?
साल 2017 के बीएमसी चुनावों में स्थिति आज से काफी अलग थी। तब अविभाजित शिवसेना ने 84 सीटें जीती थीं और भाजपा के साथ मिलकर सत्ता संभाली थी। उस समय भाजपा ने भी 82 सीटों के साथ दमदार उपस्थिति दर्ज कराई थी। लेकिन 2026 के इन नतीजों में शिवसेना के दो फाड़ होने का असर साफ तौर पर सीटों के बंटवारे में नजर आ रहा है।
BMC Election Results 2026 के ये आंकड़े शाम तक स्पष्ट हो जाएंगे। यदि महायुति बहुमत का आंकड़ा (139 सीटें) पार कर लेती है, तो मुंबई की सत्ता पर भाजपा-शिंदे गुट का पूर्ण नियंत्रण हो जाएगा।
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