क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) सेक्टर में बड़ा बदलाव आया है। ब्लिंकिट (Blinkit), जोमैटो (Zepto), स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) और अन्य प्लेटफॉर्म्स ने अब अपने ऐड्स, ऐप और मार्केटिंग में “10 मिनट डिलीवरी” या किसी भी फिक्स्ड टाइम लिमिट का दावा करना पूरी तरह बंद कर दिया है। यह फैसला केंद्र सरकार के कड़े हस्तक्षेप और चेतावनी के बाद लिया गया है।
सरकार ने क्यों लिया एक्शन?
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने पिछले हफ्ते इन प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजा था। मुख्य कारण:
- “10 मिनट डिलीवरी” का दावा भ्रामक और अवास्तविक था।
- कई ग्राहकों को 10 मिनट में सामान नहीं मिला, जिससे उपभोक्ता अधिकारों (Consumer Rights) का उल्लंघन हुआ।
- डिलीवरी पार्टनर्स पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था, जिससे सड़क हादसे, ओवरस्पीडिंग और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बढ़ रहा था।
- सरकार ने इसे अनुचित व्यापारिक प्रथा माना और 72 घंटे में सभी टाइम-बेस्ड ऐड्स हटाने को कहा।
कंपनियों ने क्या किया?
- ब्लिंकिट ने ऐड्स से 10 मिनट हटाकर “तेज डिलीवरी” और “जल्दी पहुंचाएंगे” जैसे सामान्य शब्दों का इस्तेमाल शुरू किया।
- जोमैटो और स्विगी ने भी 10 मिनट का दावा हटा दिया।
- डंकी और बिगबास्केट क्विक ने पहले ही सामान्य भाषा अपनाई थी।
कंपनियों ने कहा कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन कर रही हैं और ग्राहकों को भरोसेमंद सेवा देने पर फोकस करेंगी।
डिलीवरी पार्टनर्स और ग्राहकों पर असर
डिलीवरी वर्कर्स ने राहत जताई कि अब उन्हें रेसिंग और ओवरस्पीडिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। ग्राहकों का कहना है कि 10-15 मिनट में डिलीवरी अभी भी मिल रही है, लेकिन अब कंपनियां फिक्स्ड टाइम का वादा नहीं कर रही। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा:
“हम क्विक कॉमर्स को बढ़ावा देते हैं, लेकिन झूठे दावों और कर्मचारियों पर दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे। उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिलनी चाहिए।
यह फैसला क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव है। अब कंपनियां “तेज” और “फास्ट” जैसे सामान्य शब्दों पर फोकस करेंगी। उपभोक्ताओं और डिलीवरी वर्कर्स दोनों के लिए यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

