BJP New President: भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष (BJP President Election) चुनाव का एलान कर दिया है, पार्टी ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर चुनाव की डेट बता दी है. इस नोटिफिकेशन के अनुसार 19 जनवरी को इस पद के लिए नामांकन भरा जाएगा जबकि 20 जनवरी को चुनाव के साथ ही नए अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। देखा जाए तो बीजेपी में एक से ज्यादा कैंडिडेट नामांकन नहीं भरता यानी पार्टी में अध्यक्ष चाहे बूथ लेवल का हो या राष्ट्रीय स्तर का वह निर्विरोध ही चुना जाता है.

वर्तमान में बीजेपी ने नितिन नबीन (Nitin Nabin) को अपना कार्यकारी अध्यक्ष चुना है और जहाँ तक है कि नितिन नबीन ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे, नामांकन, चुनाव और घोषणा सिर्फ पार्टी की औपचारिकता है।
बता दें कि अबतक जेपी नड्डा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे जिन्हे 2020 में पार्टी ने नेशनल प्रेसिडेंट बनाया था, उनका कार्यकाल 2024 में समाप्त हो गया था लेकिन पार्टी उन्हें एक्सटेंशन देती रही।
भाजपा के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण ने चुनाव का शेड्यूल जारी किया। जिसके अनुसार पार्टी प्रमुख के चुनाव के लिए नॉमिनेशन 19 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच भरे जा सकते हैं और कैंडिडेट उसी दिन शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।
उन्होंने ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो 20 जनवरी को वोटिंग होगी और उसी दिन नए चुने गए बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया पार्टी मुख्यालय में होगी।
कौन है नितिन नबीन
45 साल के नितिन नबीन अगर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो वह बीजेपी के इतिहास के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। नितिन नबीन बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं, उनका जन्म 1980 में पटना में हुआ था. इनके पिता नविन किशोर सिन्हा बीजेपी के बड़े नेता थे. नितिन नबीन भी बिहार की बांकीपुर सीट से लगातार 5 बार से विधायक हैं
नितिन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के साथ ही भाजपा में 80% युवाओं को आगे लाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, नई टीम बनने में लगभग 6 महीने लगेंगे। लेकिन इतना साफ है कि टीम में महामंत्री और मंत्री जैसे प्रमुख पदों पर ज्यादातर 50 से कम उम्र के होंगे।
अगले साल 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव हैं। नितिन टीम इसी के अनुरूप बनाएंगे। एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि अमूमन राष्ट्रीय अध्यक्ष जूनियर या समकक्षों को ही महासचिव, सचिव जैसे पदों पर रखते हैं।
