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MP: भाजपा विधायक संजय पाठक पर गंभीर आरोप, चार आदिवासी कर्मचारी लापता

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BJP MLA Sanjay Pathak Land Controversy: कटनी जिले में विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक एवं पूर्व मंत्री संजय सत्येंद्र पाठक के खिलाफ आदिवासी संगठनों ने बड़ा प्रदर्शन किया। आदिवासी कांग्रेस, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी समेत विभिन्न आदिवासी संगठनों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया और विधायक पर जमीन घोटाले का गंभीर आरोप लगाया।

BJP MLA Sanjay Pathak Land Controversy: मध्य प्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री संजय सत्येंद्र पाठक एक बड़े भूमि घोटाले के आरोपों में घिर गए हैं। उन पर डिंडौरी जिले में अपने चार आदिवासी कर्मचारियों के नाम पर 1135 एकड़ से अधिक बहुमूल्य जमीन बेनामी तरीके से खरीदने का गंभीर आरोप लगा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिनके नाम पर जमीन खरीदी गई, वे चारों आदिवासी रहस्यमय ढंग से लापता हो गए हैं।

चारों आदिवासी अचानक गायब, जान को खतरे की आशंका

शिकायतकर्ता एवं प्रदर्शन के अगुआ पवन तिवारी ने आरोप लगाया है कि विधायक संजय पाठक ने अपने कर्मचारियों – रवि उइके, संदीप मरावी, मोहन सिंह धुर्वे और अजय बर्मन के नाम पर डिंडौरी जिले में करीब 1135 एकड़ जमीन खरीदी। उनका दावा है कि ये गरीब आदिवासी सिर्फ कागजी मोहरा हैं और असल मालिक कोई और है।

घोटाले की शिकायत दर्ज होने के बाद से ही ये चारों आदिवासी अपने घरों से गायब हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इनकी जान को खतरा हो सकता है। पवन तिवारी ने बताया, “हमने डिंडौरी एसपी को पहले ही लिखित शिकायत देकर इनकी सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। न तो इनके बयान लिए गए, न ही तलाश की गई।”

कटनी कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन, पुलिस से झड़प

बुधवार को आदिवासी कांग्रेस और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कटनी कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। नारेबाजी के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि लापता चारों आदिवासियों के बैंक खातों के पिछले 25 साल के लेन-देन की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि बैंक जांच से ही सच सामने आएगा।

राष्ट्रीय आदिवासी आयोग भी हरकत में

मामला अब दिल्ली तक पहुंच चुका है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने 15 सितंबर को ही इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया और कटनी, डिंडौरी, जबलपुर, उमरिया एवं सिवनी के जिलाधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। आयोग ने पूछा है कि इतने गरीब आदिवासियों के नाम पर इतनी बड़ी संपत्ति कैसे हस्तांतरित हुई? आरोप है कि अभी तक किसी भी जिले से आयोग को संतोषजनक जवाब नहीं भेजा गया है।

कलेक्टर बोले – जानकारी जुटाई जा रही

कटनी कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की सभी जानकारी एकत्र की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इसे महज खानापूरी बताया और चेतावनी दी कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल यह मामला मध्य प्रदेश की सियासत में गरमाता जा रहा है और भाजपा विधायक संजय पाठक पर चौतरफा दबाव बढ़ गया है।

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