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बीजेपी ने बदले 4 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष: दिल्ली की कमान हर्ष मल्होत्रा को, पंजाब-हरियाणा में भी नए चेहरे

BJP changed the state presidents of 4 states: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी ने इसे राज्यों में संगठन को और मजबूत करने की रणनीति बताया है।

बीजेपी (Bharatiya Janata Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से जारी आदेश में केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों, हरियाणा में डॉक्टर अर्चना गुप्ता और त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

कौन बना किस राज्य का अध्यक्ष?

पार्टी ने बयान में कहा कि इन नियुक्तियों का मकसद राज्य स्तर पर संगठनात्मक पकड़ मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार करना है।

कौन हैं हर्ष मल्होत्रा?

हर्ष मल्होत्रा ने वीरेंद्र सचदेवा की जगह दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष का पद संभाला है।

दिल्ली बीजेपी में उन्हें संगठन और जमीनी राजनीति दोनों का अनुभवी चेहरा माना जाता है।

हरियाणा में महिला चेहरे पर दांव

हरियाणा बीजेपी ने डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर महिला नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

उन्होंने मोहन लाल बड़ौली की जगह ली है।

राजनीतिक जानकार इसे हरियाणा में महिला वोट बैंक और संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश मान रहे हैं।

पंजाब में सिख चेहरे को मिली जिम्मेदारी

पंजाब बीजेपी ने केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर सिख राजनीति (Sikh Politics) पर बड़ा दांव खेला है।

बीजेपी लंबे समय से पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।

त्रिपुरा में युवा नेतृत्व को मौका

त्रिपुरा में बीजेपी विधायक अभिषेक देबरॉय को पार्टी की कमान सौंपी गई है।

बीजेपी पूर्वोत्तर (North East) में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार युवा चेहरों को आगे ला रही है।

संगठन मजबूत करने की तैयारी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अब 2027 और 2029 के चुनावों की तैयारी में संगठन स्तर पर बदलाव कर रही है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पार्टी नए समीकरण साधने की कोशिश कर रही है।

खासतौर पर दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव, पंजाब में संगठन विस्तार और हरियाणा में सत्ता संतुलन को देखते हुए इन नियुक्तियों को अहम माना जा रहा है।

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