बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम अब आईने के तरह साफ हो गए है। जिसमें एनडीए को 202 सीटों पर जीत मिली है, जबकि बिहार में एक छत्र राज्य करने वाले लालू यादव के परिवार को इस चुनाव नतीजे से काफी निराशा लगी है। उनकी पार्टी आरजेडी 25 सीटों पर सिमट कर रह गई है। आरजेडी महागठबंधन को कुल 35 सीटों पर जीत मिली है। घोषित नतीजों के बाद लालू यादव के परिवार में टूट पड़ गई है और उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने बड़ा फैसला ले लिया है।
रोहिणी ने लालू को दी थी अपनी किडनी
ज्ञात हो कि रोहिणी ने अपनी एक किडनी लालू यादव को देकर पिता की जान बचाने वाली बेटी बनकर सामने आई थी। रोहिणी की यह पोस्ट राजनीति हल्के में अब चर्चा बन गयी है। जब उन्होने न सिर्फ राजनीति से रिश्ता तोड़ने की बात लिख रही है बल्कि लालू परिवार से भी अलग होने की बात अपने जारी पोस्ट में कर रही है।
रोहिणी ने राजनीति और परिवार से तोड़ा रिश्ता
दरअसल लालू यादव के दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर लिखा है, मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं। ज्ञात हो कि संजय यादव राज्यसभा सांसद हैं और तेजस्वी के रणनीतिक सलाहकार हैं। रमीज यूपी के रहने वाले हैं। तेजस्वी के पर्सनल सेक्रेटरी हैं। इसी साल 25 मई को लालू प्रसाद ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निकाला था। तेज प्रताप ने इसके लिए संजय यादव को ही जिम्मेदार ठहराया था।
75 से घटकर 25 सीटो में सिमटी आरजेडी
बिहार के चुनाव नतीजो में आरजेडी को काफी निराशा हाथ लगी है। 2020 में पार्टी ने 75 सीटें जीती थीं। 2025 के चुनाव में लालू यादव के पुत्र तेजप्रताप करीब 50 हजार वोटों से चुनाव में हारे हैं। लंबी खींचतान के बाद तेजस्वी अपनी सीट बचा पाए हैं। नतीजों के बाद आरजेडी सांसद संजय यादव को लेकर लालू परिवार में टकराव बढ़ गया है। कल तेजप्रताप ने भी लिखा था- जयचंदों ने राजद को खोखला किया। इससे पहले रोहिणी ने पार्टी से लेकर परिवार के सभी सदस्यों को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया था।

