Bihar Election BJP 2nd List: बिहार विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है, और भाजपा ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर गठबंधन को मजबूत बनाने की कोशिश की है। 6 और 11 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए भाजपा ने बुधवार को 12 नामों की दूसरी लिस्ट जारी की, जो पहली लिस्ट के 71 नामों के साथ मिलाकर कुल 83 उम्मीदवारों तक पहुंच गई है। एनडीए के हिस्से के रूप में भाजपा 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, और पार्टी का दावा है कि 2020 के 74 सीटों से ज्यादा जीत हासिल कर सत्ता बरकरार रखेगी। लेकिन इस लिस्ट में कई दिग्गजों को टिकट न मिलने से हड़कंप मच गया है। आइए, जानते हैं लिस्ट के प्रमुख चेहरों और रणनीति के बारे में।
बीजेपी की दूसरी लिस्ट के उम्मीदवार: कौन कहां से लड़ेंगे?
भाजपा ने इस लिस्ट में नए चेहरों को तरजीह दी है, खासकर जातिगत समीकरण और एंटी-इनकंबेंसी को ध्यान में रखते हुए। हालांकि पूरी लिस्ट का विस्तृत विवरण पार्टी ऐप पर उपलब्ध है, लेकिन प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- मैथिली ठाकुर (लोकप्रिय लोक गायिका) – अलीनगर: पार्टी में शामिल होने के महज एक दिन बाद ही टिकट मिला। 2020 में यहां वीआईपी के मिश्री लाल यादव जीते थे, जो बाद में भाजपा में शामिल हुए लेकिन 2024 में आरजेडी समर्थन के आरोप में पार्टी से दूरी बना ली।
- आनंद मिश्रा (पूर्व आईपीएस अधिकारी) – बक्सर: लोकसभा चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़े थे, अब भाजपा ने उन्हें विधानसभा के लिए उतारा।
- केदारनाथ सिंह (मजबूत नेता प्रभुनाथ सिंह के भाई) – बनियापुर: पारिवारिक राजनीतिक विरासत को मजबूती देने का प्रयास।
- छोटी कुमारी (जिला परिषद अध्यक्ष) – छपरा: वरिष्ठ विधायक सीएन गुप्ता को एंटी-इनकंबेंसी के कारण टिकट न देकर महिला उम्मीदवार को मौका।
- सुभाष सिंह (जिला परिषद अध्यक्ष) – गोपालगंज: विधायक कुसुम देवी (पूर्व विधायक के पति की मौत के बाद जीतीं) को हटाकर नया चेहरा।
- रणजन कुमार (भूमिहार नेता) – मुजफ्फरपुर: पूर्व विधायक और मंत्री सुरेश शर्मा को 2020 की हार के बाद टिकट से वंचित किया।
- रत्नेश कुशवाहा – पटना सिटी: स्पीकर नंदकिशोर यादव (पांच बार के विधायक) की जगह।
अन्य उम्मीदवारों में विधायकों की जगह नए चेहरों को शामिल किया गया है, जैसे बैद्यनाथ प्रसाद (पूर्व एमएलसी) को रिगा (सीतामढ़ी) से। कुल मिलाकर, लिस्ट में महिलाओं और युवाओं पर फोकस है अब तक 9 महिलाओं को टिकट (2020 के 13 से कम)
2025 के चुनाव एनडीए (भाजपा-जदयू) और विपक्ष (आरजेडी-कांग्रेस) के बीच कांटे का मुकाबला होंगे। 2020 में भाजपा ने 110 सीटों पर 74 जीतीं, और वर्तमान विधानसभा में 80 विधायक हैं। पार्टी का लक्ष्य रिकॉर्ड जीत का है, जाति-समाज समीकरण पर आधारित।
पहली लिस्ट 14 अक्टूबर को जारी हुई थी, जबकि 2020 में यह 7 अक्टूबर को 27 नामों के साथ आई। अभी 18 सीटें बाकी हैं।भाजपा नेताओं ने कहा कि यह चयन चुनावी विश्लेषण पर आधारित है, जो गठबंधन को मजबूत करेगा। विपक्ष ने इसे “टिकट वितरण में भ्रष्टाचार” बताया है।
