Bihar Election 2025 Result : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासत गरमा गई है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया था कि वे 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन इस पर चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (R) की सांसद शांभवी चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि तेजस्वी ‘सपने देखना छोड़ दें’, क्योंकि नीतीश कुमार ही फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।
अगले 5 साल के लिए नीतीश कुमार पर भरोसा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर फिर से भरोसा जताते हुए शांभवी चौधरी ने पटना में मीडिया से कहा, “बिहार की जनता ने अगले पांच साल के लिए फिर से नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है। सपना देखना अच्छी बात है, लेकिन मुख्यमंत्री बनने का सपना मत देखिए, क्योंकि जनता ने नीतीश जी को ही अपना नेता चुना है।”
बिहार में फिर बनने जा रही NDA सरकार
लोजपा (R) सांसद शांभवी चौधरी ने आगे कहा कि एनडीए की सरकार एक बार फिर बनने जा रही है और 14 नवंबर को सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। शांभवी ने तेजस्वी यादव के बयान पर तंज कसते हुए कहा, “अब तो नतीजे आने में बहुत कम समय बचा है, सबको पता चल जाएगा कि शपथ कौन लेगा।”
शांभवी चौधरी बोली- सबके दिलों में हैं नीतीश कुमार
सांसद शांभवी चौधरी ने ‘टाइगर जिंदा है’ पोस्टर को लेकर कहा कि यह कार्यकर्ताओं की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। वे पहले की तरह आज भी मजबूती से काम कर रहे हैं। जनता का उन पर भरोसा कायम है, खासकर महिलाओं के बीच।”
बिहार में बूथ लूटने की घटनाएं नहीं होतीं – शांभवी चौधरी
सांसद शांभवी चौधरी ने यह भी दावा किया कि बिहार अब बदल चुका है और यहां बूथ लूटने की घटनाएं नहीं होतीं। उन्होंने कहा, “अब लोग वोट से सरकार बनाते हैं। एनडीए के नेता साल भर जनता के बीच रहते हैं, सिर्फ चुनाव के वक्त नहीं दिखाई देते जैसे तेजस्वी यादव।” उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए पूरी ताकत से मैदान में है और जनता ने अपने मन से फैसला ले लिया है। शांभवी ने कहा, “24 घंटे का वक्त बचा है, सबको दिख जाएगा कि कौन शपथ लेगा।”
बिहार में NDA के पाले में जा रहा परिणाम
बुधवार को बिहार में मतगणना शुरू होते ही यह स्पष्ट हो गया है कि जेडीयू और राजद का गठबंधन मजबूत स्थिति में है, जिसने कई सीटों पर बढ़त बना ली है। शुरुआती रुझानों में एनडीए गठबंधन मजबूत दिख रहा है, खासकर पूर्वी और पश्चिमी बिहार में। कई विधानसभा सीटों पर भाजपा पीछे हटती नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस भी कुछ क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। इस बार के चुनाव में महिलाओं और युवा मतदाताओं का वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता दिख रहा है, जो सामाजिक बदलाव और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दे रहा है।
