Big scam exposed in budget meeting of Rewa Municipal Corporation: रीवा नगर निगम की बजट बैठक मंगलवार दोपहर विवादों और हंगामे में घिर गई। नेता प्रतिपक्ष के कड़े विरोध और कांग्रेस के आठ पार्षदों के बहिष्कार के बावजूद परिषद ने बजट पास कर दिया।बैठक शुरू होते ही एमआईसी सदस्य धनंजय बघेल जब नेता प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे, तब शहर में पौधरोपण और संपत्तिकर वसूली को लेकर दिए गए जवाब पर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताई। उन्होंने जवाब को गलत बताते हुए तुरंत सदन से वॉकआउट कर लिया। उनके बाद भाजपा के सभी पार्षद भी बैठक से बाहर निकल गए।वहीं महापौर अजय मिश्रा के विरोध में कांग्रेस के आठ पार्षद बैठक में शामिल ही नहीं हुए। ये पार्षद विंध्य के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाने के प्रस्ताव को अपनी ही एमआईसी में शामिल न करने से नाराज थे। उन्होंने इसी मुद्दे पर बजट बैठक का बहिष्कार किया।दोनों पक्षों के विरोध और हंगामे के बावजूद नगर निगम परिषद की बैठक चली और अंत में बजट पास कर दिया गया।
रीवा नगर निगम की बजट बैठक मंगलवार को भारी हंगामे और आरोप-प्रत्यारोपों में बदल गई। परिचर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष दीनानाथ वर्मा ने आरोप लगाया कि सीवर लाइन का काम करने वाली कंपनी ने कंक्रीट सड़क निर्माण के दौरान निकले लगभग 300 क्विंटल लोहे को नगर निगम को जमा नहीं कराया। साथ ही खुदाई के दौरान निकले वेस्ट मटेरियल का भी अवैध उपयोग कर लिया गया और इसका कोई भुगतान नगर निगम के खाते में जमा नहीं किया गया।
दीनानाथ वर्मा ने बैठक में बताया कि नगर निगम ने वेस्ट मटेरियल के लिए 300 रुपये प्रति टन की दर तय की थी, फिर भी सीवर लाइन निर्माण से निकले लगभग 25,000 ट्रक वेस्ट मटेरियल का एक भी रुपया नगर निगम को नहीं मिला। इसके अलावा, नेता प्रतिपक्ष ने नगर निगम के बिना फिटनेस और बीमा वाले वाहनों की लापरवाही पर भी तीखा सवाल उठाया और जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। दीनानाथ वर्मा ने पूरे बजट को सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी बताते हुए कहा कि यह आम जनता को धोखा देने के अलावा और कुछ नहीं है।
