Big disclosure in Rewa RES: रीवा। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) संभाग क्रमांक 02 में कार्यरत कार्यपालन यंत्री (ईई) एसबी रावत पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार और सेवा पुस्तिका में हेरफेर के आरोप अधीक्षण यंत्री (एसई) अतुल चतुर्वेदी की जांच में सही पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में न केवल ईई रावत द्वारा स्वयं की सेवा पुस्तिका में कूटरचना करने की पुष्टि हुई है, बल्कि उन पर अपनी अचल संपत्ति का विवरण छिपाने और गृह जिले में पदस्थापना के नियम तोड़ने का भी आरोप प्रमाणित हुआ है।
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सेवा पुस्तिका में कूटरचना के गंभीर आरोप प्रमाणित
एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी की शिकायत पर हुई जांच में अधीक्षण यंत्री, आरईएस संभाग रीवा, अतुल चतुर्वेदी ने कमिश्नर रीवा संभाग को भेजे अपने प्रतिवेदन में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
- डुप्लीकेट सेवा पुस्तिका: ईई रावत की सेवा पुस्तिका डुप्लीकेट तैयार कराई गई है, जिसके आदेश की प्रति संलग्न नहीं है।
- सरनेम में हेरफेर: सेवा पुस्तिका के पहले पन्ने पर नाम के आगे सफेदा (व्हाइटनर) लगाकर सरनेम बदला गया है और ‘रावत’ लिखा गया है। यह बिना सक्षम अधिकारी की शासकीय अनुमति के किया गया है, जो नियमों का उल्लंघन है।
- स्वयं द्वारा प्रविष्टियाँ: अनूपपुर (2017-2020) और रीवा (वर्तमान) की पदस्थापना के दौरान सेवा सत्यापन, वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतनवृद्धि और प्रथम समयमान वेतनमान जैसी समस्त महत्वपूर्ण प्रविष्टियाँ रावत ने स्वयं अपने हस्ताक्षर से की हैं, जबकि ये प्रविष्टियाँ मंडल कार्यालय या जिला पंचायत स्तर पर की जानी चाहिए।
- गंभीर कदाचरण: एसई अतुल चतुर्वेदी ने इन समस्त कृत्यों को “गंभीर कदाचरण” की श्रेणी में मानते हुए ईई रावत के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव कमिश्नर रीवा संभाग को भेजा है।
अचल संपत्ति का ब्योरा छिपाया, गृह जिले में पदस्थापना का नियम तोड़ा
जांच में ईई एसबी रावत पर सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की धारा 19 के उल्लंघन का भी आरोप प्रमाणित हुआ है:
- संपत्ति का विवरण नहीं दिया: ईई रावत ने वर्ष 2020 से लेकर 2025 तक अपनी अनिवार्य वार्षिक चल-अचल संपत्ति का विवरण विभाग को जमा नहीं कराया और न ही निर्धारित वेबपोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कराया।
- निवास की जानकारी छिपाई: आरटीआई से प्राप्त राजस्व अभिलेखों के अनुसार, ईई रावत रीवा के बोदा बाग़ में अपनी पत्नी श्यामा कोल के नाम पर आलीशान आवास में रहते हैं, और उनका पैतृक निवास सिरमौर का डोल ग्राम है।
- नियमों का उल्लंघन: शासकीय नियमों के अनुसार, जिला स्तरीय अधिकारी की पदस्थापना उसके पैतृक जिले में नहीं की जा सकती। ईई रावत ने मैहर जिले का पता बताकर रीवा संभाग क्रमांक 02 में कार्यपालन यंत्री की सेवा दी, जो सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है। एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी का आरोप है कि संपत्ति का ब्योरा इसलिए छिपाया गया ताकि उनके रीवा निवासी होने की जानकारी सार्वजनिक न हो जाए और उनका स्थानांतरण न हो।
कमिश्नर रीवा संभाग को भेजी गई जांच रिपोर्ट में ये सभी आरोप प्रमाणित पाए गए हैं, और अब इस गंभीर कदाचार के मामले में ईई एसबी रावत पर बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होने की संभावना है।
