MP: प्रदेश का पहला पूर्ण पेपरलेस नगर निगम बना भोपाल नगर निगम

bhopal nagar nigam

Bhopal Municipal Corporation: भोपाल नगर निगम अब पेपरलेस होने की ओर बड़ा कदम बढ़ा रहा है। 27 जनवरी 2026 से निगम में कागजी फाइल सिस्टम पूरी तरह बंद हो जाएगा और ई-ऑफिस व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू कर दी जाएगी। इसके तहत अब सभी विभागों का काम डिजिटल फाइलों के माध्यम से ही चलेगा।

Bhopal Municipal Corporation: भोपाल नगर निगम ने प्रशासनिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए कागजी फाइलों के युग को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। 27 जनवरी 2026 से निगम के सभी विभागों में मैन्युअल फाइल सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब हर प्रशासनिक कार्य ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल रूप से ही किया जाएगा। इस फैसले के साथ भोपाल नगर निगम मध्य प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम बन गया है, जिसने पूर्ण रूप से ई-फाइलिंग व्यवस्था को लागू कर दिया है।

फाइलें अब मेज पर नहीं, स्क्रीन पर आगे बढ़ेंगी

नई व्यवस्था के तहत फाइलें दफ्तरों की मेजों पर अटकने के बजाय ऑनलाइन ट्रैकिंग के साथ तेजी से आगे बढ़ेंगी। सामान्य प्रशासन विभाग से लेकर अपर आयुक्त, सहायक आयुक्त और निगम आयुक्त तक हर स्तर पर फाइलों की मूवमेंट डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जाएगी। इससे फाइलों की गति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, निर्णय लेने में होने वाली देरी और अनावश्यक अड़चनें समाप्त होंगी। आम नागरिकों से जुड़े मामलों का निपटारा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुचारू होगा।

राज्य शासन के निर्देशों पर आधारित तैयारी पूरी

राज्य शासन ने पहले ही ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में भोपाल नगर निगम ने तकनीकी ढांचे को मजबूत किया। आईटी नेटवर्क, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और आंतरिक प्रक्रियाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया गया, ताकि सभी विभाग एक ही डिजिटल सिस्टम पर निर्बाध रूप से काम कर सकें। लंबी तैयारियों और परीक्षण के बाद अब यह व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू कर दी गई है।

डाटा की सुरक्षा एनआईसी सर्वर पर सुनिश्चित

डिजिटल फाइलिंग से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के सुरक्षित सर्वर पर संग्रहीत रहेगा। इससे दस्तावेजों की सुरक्षा के साथ उनका स्वचालित बैकअप भी सुनिश्चित हो जाएगा। निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस सिस्टम के उपयोग के लिए व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि किसी भी तकनीकी बाधा के बिना कामकाज सुचारू रहे।

पारदर्शिता और जवाबदेही में आएगी बड़ी बढ़ोतरी

निगम प्रशासन का मानना है कि ई-ऑफिस प्रणाली से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही में अभूतपूर्व सुधार आएगा। हर फाइल की डिजिटल एंट्री और उसकी मूवमेंट का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से यह स्पष्ट होगा कि फाइल किस स्तर पर है और देरी का कारण क्या है। इससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी और जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ेगी।

नए मुख्यालय भवन के लिए तैयार डिजिटल ढांचा

यह पूरी डिजिटल व्यवस्था निगम के प्रस्तावित नए मुख्यालय भवन में शिफ्टिंग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भविष्य में जब निगम नया कार्यालय परिसर में स्थानांतरित होगा, तब ई-ऑफिस सिस्टम प्रशासनिक कामकाज को और अधिक प्रभावी व सुचारू बनाएगा। अधिकारियों के अनुसार, ई-ऑफिस के तहत सभी अधिकारियों की आधिकारिक ई-मेल आईडी भी सक्रिय की जा रही हैं, जिससे निगम का समूचा कामकाज डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगा।

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