Bhopal Gas Memorial: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में भोपाल गैस त्रासदी मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। यूनियन कार्बाइड परिसर में भोपाल गैस मेमोरियल बनाने की योजना पर आगे बढ़ते हुए सरकार ने सफाई और सुधार कार्यों की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया।
Bhopal Gas Memorial: जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शुक्रवार को भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ी याचिका की सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य शासन की ओर से बताया गया कि पूर्व यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में भोपाल गैस मेमोरियल विकसित किया जाएगा।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में परिसर की सफाई, टॉक्सिक वेस्ट हटाने, आसपास की दूषित मिट्टी और ग्राउंडवाटर के सुधार, तथा खराब प्लांट संरचनाओं के डिटॉक्सिफिकेशन और डीकंटैमिनेशन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
टेंडर प्रक्रिया और पर्यावरण नियमों का पालन
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन रूल्स-2025 के तहत तैयार कार्ययोजना के लिए शॉर्ट-टेंडर जारी करने का निर्णय लिया गया है। इससे साइट की सफाई और रेमेडिएशन कार्य तेजी से शुरू हो सकेंगे। हाई कोर्ट ने सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी को रिकॉर्ड पर ले लिया है। साथ ही राज्य शासन को कार्य योजना की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
1984 की दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदा
बता दें कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) फैक्ट्री से 2-3 दिसंबर 1984 की मध्यरात्रि में मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) नामक अत्यंत जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इस हादसे में हजारों लोगों की मौत हो गई और लाखों प्रभावित हुए। इसे दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक त्रासदी माना जाता है। आज भी गैस पीड़ितों में कैंसर, श्वसन संबंधी रोग, जन्मजात विकृतियां और अन्य गंभीर बीमारियां देखी जा रही हैं। परिसर में बचे टॉक्सिक कचरे और दूषित मिट्टी-जल के कारण समस्या बनी हुई है।

