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भोपाल के सीएम हाउस में ब्राह्मण समाज का उग्र प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की, चलाई वॉटर कैनन, कई लोग हिरासत में

भोपाल के सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति, वॉटर कैनन तैनातभोपाल के सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति, वॉटर कैनन तैनात

भोपाल सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई

भोपाल। एमपी की राजधानी भोपाल में ब्राह्मण समाज ने उग्र प्रदर्शन करते हुए सीएम हाउस का घेराव किये है। समाज के लोग रोशनपुरा चौराहे पर इकट्‌ठा हुए और नारेबाजी करते हुए सीएम हाउस की ओर जा रहे थें। जिस पर पुलिस ने उन्हे रास्ते में रोकने की कोशिश की, लेकिन आंदोलन कारी नही रूके और पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। जानकारी के तहत पुलिस की घेराबंदी तोड़ते हुए आंदोलन कारी बाणगंगा चौराहे तक पहुंच गए। बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन चलानी पड़ी, तो कई लोगो को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

कई लोग घायल

भोपाल में आयोजित आंदोलन में धक्का-मुक्की के दौरान कई बुजुर्ग और महिलाएं घायल हो गईं। मौके पर मौजूद एम्बुलेंस और मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों में भरकर पुलिस रातीबड़ ले गई। वही भीड़ को इधर-उधर करने के बाद प्रदर्शन शांत कराया जा सका।

आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा पर कार्रवाई की मांग

भोपाल में आंदोलन कर रहे लोगो की मांग है कि आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए, उन्हे तत्काल गिरफ्तार करके सेवा से बर्खास्ता किया जाए। ज्ञात हो कि आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि आरक्षण तब तक सामाप्त नही होना चाहिए, जब तक ब्राह्मण अपनी बेटी की शादी उनके बेटों से न कर दें और उनकी बेटिया रिश्ता न बना लें। यह बयान वायरल होने के बाद से ब्राह्मण समाज लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा है और अब सीएम हाउस का घेराव करने के लिए समाज के लोग भोपाल में एकत्रित रहे है।

बर्खास्तगी का भेजा गया प्रस्ताव

विवादित बयान देने वाले सीनियर आईएएस संतोष कुमार वर्मा की बर्खास्तगी का प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव फरहीन खान के हस्ताक्षर से 12 दिसंबर को यह प्रस्ताव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भेजा गया था। इसमें संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।

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