Bhojshala Dispute: भोजशाला (Bhojshala) विवाद अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है। तीसरी याचिका दायर होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम पक्ष अब आमने-सामने होंगे। सूत्रों के अनुसार, शीर्ष अदालत तीनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई (Joint Hearing) कर सकती है।
Bhojshala Dispute: भोजशाला (Bhojshala) विवाद अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गहराता जा रहा है। मुस्लिम पक्ष की ओर से तीसरी याचिका दायर की गई है। सूत्रों के मुताबिक, शीर्ष अदालत अब इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई (Joint Hearing) कर सकती है। तीसरी याचिका जिब्रान अंसारी (Jibran Ansari) की ओर से दाखिल की गई है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लगी तीनों याचिकाओं पर अभी सुनवाई शुरू नहीं हुई है।
हाईकोर्ट फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष सक्रिय
इंदौर हाईकोर्ट (Indore High Court) ने हाल ही में भोजशाला को हिंदू मंदिर (Hindu Temple) माना था। इस फैसले को चुनौती देते हुए मुस्लिम पक्ष ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। पहले शहर काजी, फिर कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी (Kamal Maula Welfare Society) और अब जिब्रान अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।हाईकोर्ट के फैसले के महज छह दिन बाद मुस्लिम पक्ष ने रात साढ़े आठ बजे याचिका दायर की थी।
हिंदू पक्ष की तैयारी, कैविएट पहले से दायर
हिंदू पक्ष भी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चल रही याचिकाओं का सामना करने की पूरी तैयारी कर रहा है। पहले ही भोजशाला मामले में कैविएट (Caveat) दायर कर दिया गया है, ताकि बिना पक्ष सुने कोई स्टे ऑर्डर (Stay Order) न मिल सके।
कमाल मौला कमेटी का दावा
कमाल मौला मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल समद (Abdul Samad) ने कहा, “हमारे पास मजबूत सरकारी दस्तावेज (Government Documents) और पुख्ता प्रमाण हैं। इनके आधार पर हम सुप्रीम कोर्ट में साबित करेंगे कि धार का यह परिसर मंदिर नहीं, बल्कि मस्जिद (Mosque) है।” उन्होंने यह भी कहा कि ASI की रिपोर्ट (ASI Report) में पहले भोजशाला को मस्जिद बताया गया था, जबकि हालिया रिपोर्ट में इसे मंदिर करार दिया गया है। कमेटी इन रिपोर्ट्स के बीच के अंतर को भी कोर्ट के सामने रखेगी।

