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Bhojshala Controversy: 2034 तक मंदिर निर्माण और लंदन से मां सरस्वती की मूर्ति वापसी का संकल्प

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Bhojshala Controversy: राजा भोज बसंतोत्सव समिति की धर्मसभा में वक्ताओं ने 2034 तक भोजशाला मुकदमा जीतने और मां सरस्वती का भव्य मंदिर निर्माण करने का संकल्प लिया। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार तथा स्वामी अवधेशानंद गिरि ने भोजशाला को हिंदू विरासत बताते हुए मंदिर निर्माण, प्रतिमा की वापसी और सामूहिक संघर्ष की अपील की।

Bhojshala Controversy: वसंत पंचमी के अवसर पर राजा भोज वसंतोत्सव समिति ने यहां एक धर्मसभा का आयोजन किया। इस सभा में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित प्रमुख वक्ताओं ने भोजशाला को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर बताते हुए मुकदमा जीतने, भव्य मंदिर निर्माण और लंदन से मूर्ति वापसी की मांग को दोहराया।

2034 में भोजशाला के 1000 वर्ष पूरे

वक्ताओं ने कहा कि राजा भोज द्वारा 1034 में निर्मित भोजशाला के निर्माण को वर्ष 2034 में 1000 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इस मौके पर यहां मां सरस्वती का भव्य मंदिर राम मंदिर की तर्ज पर बनना चाहिए और मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी चाहिए। आलोक कुमार ने कहा, “भोजशाला का मुकदमा हमें जीतना है। यहां मां सरस्वती के भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए।”

लंदन म्यूजियम से मां सरस्वती की मूर्ति वापस लाने की मांग

आलोक कुमार ने बताया कि लंदन के एक म्यूजियम में मां सरस्वती (वाग्देवी) की मूल मूर्ति रखी हुई है, जिसे ब्रिटिश काल में ले जाया गया था। उन्होंने इस मूर्ति को भारत वापस लाने और भोजशाला में स्थापित करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि मुगल काल में मंदिर को तोड़ा गया और हिंदुओं का अपमान किया गया।

मथुरा, काशी और धार में भव्य मंदिरों का आह्वान

विहिप प्रमुख आलोक कुमार ने मथुरा, काशी और धार में भव्य मंदिर निर्माण की बात कही। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि मथुरा, काशी और धार में भव्य मंदिर बने। देश के केंद्र में स्थित धार को ज्ञान का केंद्र बनाना है। सभी ये संकल्प लें।”

मौलाना कमाल की कब्र पर सवाल

आलोक कुमार ने मौलाना कमाल की मौत अहमदाबाद में होने का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मौत के 200 साल बाद भोजशाला में उनकी कब्र होने की बात कही गई। उन्होंने कहा, “देश की तीन हजार कब्रों में कुछ नहीं है, वे खाली हैं। धार में भी ऐसा ही है।” उन्होंने जोर दिया कि भोजशाला की लड़ाई हिंदू समाज की है और सभी को मिलकर इसे लड़ना चाहिए।

‘वंदे मातरम’ और देशभक्ति पर जोर

आलोक कुमार ने कहा कि देश में रहने वाले सभी को देश का सम्मान करना चाहिए। कुछ लोगों को ‘वंदे मातरम’ बोलने में हिचकिचाहट होती है, जबकि क्रांतिकारियों ने इसे बोलकर फांसी चूमी। उन्होंने कहा, “हिंदू धर्म सभी धर्मों का सम्मान करता है और शांति में विश्वास रखता है। यह हमारी ताकत है, कमजोरी नहीं।”

भोजशाला हिंदुओं की पावन भूमि

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि भोजशाला की पावन भूमि हिंदुओं की है और यहां कोई कब्जा नहीं कर सकता। राजा भोज ने इसे बनवाया था, यह कभी मुगलों की भूमि नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, “जिन्हें भोजशाला से ज्यादा प्रेम है, वे हिंदू धर्म अपना लें और हर मंगलवार पूजा करने आ जाएं।” उन्होंने मुस्लिम समुदाय को भाई बताते हुए कहा कि उनके पूर्वजों का धर्मांतरण हुआ था।

हिंदू राष्ट्र का सपना पूरा होने जा रहा: स्वामी जी

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि 2014 में देश सही मायने में आजाद हुआ, पहले हिंदुओं को दबाया जाता रहा। अब सनातन की बात करने वाला ही देश पर राज करेगा। उन्होंने कहा, “हमने जो हिंदू राष्ट्र का सपना देखा है, वो पूरा होने जा रहा है।”

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