भारतीय शेयर बाजार में आज कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के शेयरों ने जोरदार दस्तक दी है। Bharat Coking Coal Share Price अपनी इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 60 फीसदी के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ, जिसने शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को मालामाल कर दिया। भारी सब्सक्रिप्शन के बाद बाजार को ऐसी ही धमाकेदार शुरुआत की उम्मीद थी।
लिस्टिंग के साथ निवेशकों की चांदी
आज सुबह जैसे ही शेयर बाजार खुला, भारत कोकिंग कोल के शेयरों ने निवेशकों के चेहरों पर चमक ला दी। ₹23 के आईपीओ प्राइस के मुकाबले शेयर ₹36 से ऊपर के भाव पर ट्रेड करते दिखे। ग्रे मार्केट में पहले से ही अच्छे संकेतों के कारण बाजार विशेषज्ञों ने इस तरह की मजबूत लिस्टिंग का अनुमान लगाया था।
सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों ने बनाया था माहौल
BCCL का आईपीओ 9 जनवरी से 13 जनवरी के बीच खुला था, जिसे निवेशकों का अभूतपूर्व समर्थन मिला। आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू कुल 146 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। विशेष रूप से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के सेगमेंट में जो उत्साह देखा गया, उसने लिस्टिंग के दिन के लिए मजबूत आधार तैयार कर दिया था।
स्टील सेक्टर में कंपनी की अहम भूमिका
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड देश की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो कोकिंग कोल का उत्पादन करती हैं। यह कोयला स्टील इंडस्ट्री के लिए एक अनिवार्य कच्चा माल है। वर्तमान में भारत अपनी कोकिंग कोल की जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ऐसे में BCCL की बाजार में मौजूदगी और उत्पादन क्षमता इसे एक ‘स्कैर्सिटी वैल्यू’ (Scarcity Value) प्रदान करती है।
Bharat Coking Coal Share Price और भविष्य का आउटलुक
लिस्टिंग के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि निवेशक क्या करें? मेहता इक्विटीज के विशेषज्ञों का मानना है कि स्टील सेक्टर में जारी विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास को देखते हुए लंबी अवधि के लिए कंपनी का नजरिया सकारात्मक है। हालांकि, जिन निवेशकों ने केवल लिस्टिंग गेन के लिए पैसा लगाया था, वे मुनाफा वसूली (Profit Booking) पर विचार कर सकते हैं।

बाजार के जानकारों की राय
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ₹23 का प्राइस बैंड काफी आकर्षक रखा गया था। यही वजह है कि रिटेल सेगमेंट में भी यह आईपीओ 49 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। कम टिकट साइज होने के कारण नए निवेशकों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेषज्ञों की सलाह है कि नए निवेशक गिरावट आने पर ही इस शेयर में एंट्री करने की सोचें।
सरकारी नीतियों का असर
एक पीएसयू (PSU) की सहायक कंपनी होने के नाते, BCCL पर सरकारी नीतियों और लाभांश (Dividend) वितरण का प्रभाव रहेगा। साथ ही, वैश्विक कोयला कीमतों में उतार-चढ़ाव भी भविष्य में इसके शेयर भाव को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।
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