Bhajan Lal Sharma Lohri Makar Sankranti greetings | राजस्थान CM

Rajasthan Chief Minister Bhajan Lal Sharma during an official address on Lohri and Makar Sankranti

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने Bhajan Lal Sharma Lohri Makar Sankranti greetings के माध्यम से राज्यवासियों को पर्वों की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इन त्योहारों को प्रकृति, कृषि परंपरा और सकारात्मक सामाजिक मूल्यों से जोड़ते हुए समृद्धि और सामूहिक प्रगति का संदेश दिया।

लोहड़ी: प्रकृति और नई फसल से जुड़ा पर्व

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि लोहड़ी का त्योहार नई फसल के आगमन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। यह पर्व मनुष्य और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है। उनके अनुसार, लोहड़ी की परंपरा लोगों को प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर देती है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोहड़ी की अग्नि नकारात्मक सोच को दूर करने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे पर्व सामाजिक जीवन में आशा और संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

Bhajan Lal Sharma Lohri Makar Sankranti greetings

मकर संक्रांति और सूर्य उपासना का महत्व

मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति को सूर्य देव के उत्तरायण में प्रवेश से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन जीवन में नई दिशा, ऊर्जा और अनुशासन का संदेश देता है। मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति में आत्मचिंतन और कर्मशीलता से जुड़ा पर्व माना जाता है।

उनके अनुसार, यह त्योहार देश की प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से समाज को जोड़ते आ रहे हैं।

मेहनत, सकारात्मक सोच और सामाजिक सहयोग पर ज़ोर

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से सकारात्मक सोच के साथ मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब लोग आत्मनिर्भर बनें और ज़रूरतमंदों की सहायता करें।

उन्होंने यह भी कहा कि सहयोग और संवेदनशीलता से ही राज्य और देश विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकते हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर भी पर्वों का संदेश

इसी अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू जैसे पर्वों पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इन त्योहारों को भारत की कृषि परंपरा, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।

राष्ट्रपति के संदेश में किसानों के योगदान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की भावना को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

The significance of Makar Sankranti and sun worship

भारतीय संस्कृति में पर्वों की भूमिका

भारत में पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम हैं। लोहड़ी और मकर संक्रांति जैसे त्योहार मेहनत, प्रकृति और सामूहिक जीवन मूल्यों को सम्मान देने का अवसर प्रदान करते हैं।

इन पर्वों के माध्यम से समाज में सकारात्मकता, सहयोग और सांस्कृतिक निरंतरता बनी रहती है।

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