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सिख गुरु बेअदबी मामला: भगवंत मान की राजनीति, प्रतिष्ठा और सम्मान सब खत्म?

Bhagwant Mann Beadbi Video: पंजाब के सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) की राजनीति, उनकी प्रतिष्ठा और उनका सम्मान सब कुछ दांव पर लग गया है या यूँ कहें कि ये तीनों चीज़ें उन्होंने गंवा ही दी हैं. सिख कौम की सर्वोच्च संस्था, अकाल तख्त साहिब (Akal Takht Sahib) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) को पंथ विरोधी और गुरु विरोधी घोषित कर दिया (Boycott Bhagwant Mann) है। बीते सोमवार को यह फैसला अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज (Kuldeep Singh Gadgaj) ने अमृतसर में गोल्डन टेंपल परिसर स्थित अकाल तख्त सचिवालय की फसील से सुनाया।

अकाल तख्त ने यह फैसला भगवंत मान की शराब वाली वायरल वीडियो की जांच कराने के बाद सुनाया। जिसे अबतक, मान AI जनरेटेड बता रहे थे। इस वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा है कि एक मान हाथ में शराब से भरी ग्लास लिए सिख गुरुओं की तस्वीर के पास जाते हैं उनपर शराब की छींटे मारते हैं, इसके बाद वे TV के सामने रखी कथित संत जरनैल सिंह की मूर्ती के सामने अश्लीलता करते हैं और बाद में उसपर भी शराब छिड़कते हैं.

पिछले साल जब ये वीडियो कनाडा में रहने वाले NRI जगमनदीप सिंह ने जारी किया था तब पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और सीएम भगवंत मान ने इसे डीप फेक वीडियो बताया था और जगमनदीप सिंह के खिलाफ वारंट जारी करवा दिया।

अकाल तख़्त ने इस वीडियो को दो अलग अलग लैब्स में फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा, और दोनों ही लैब्स से यह रिपोर्ट आई कि शराब वाला वीडियो न तो एडिटेड है, न AI जनरेटेड है और न ही डीप फेक है. इसके बाद ही अकाल तख़्त ने बैठक बुलाई और उन्हें गुरु विरोधी घोषित कर दिया।

 अकाल तख्त ने पूरे खालसा पंथ और गुरु नामलेवा सिख संगत से भगवंत मान को ‘मुंह नहीं लगाने’ की बात कही , साफ साफ कहें तो सिखों से भगवंत मान का भहिष्कार करने का फरमान जारी किया गया. तख़्त ने कहा कि- पंथ और गुरु के अनुयायियों का उनसे कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए.

हैरानी की बात ये है कि आम आदमी पार्टी और भगवंत मान अभी भी अपनी गलती मान नहीं रहे हैं। भगवंत मान ने वीडियो जारी करते हुए कहा- उच्च धार्मिक पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक आकाओं के समर्थन से मेरे विरुद्ध झूठा दुष्प्रचार फैला रहे हैं।

मान का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स मैं नहीं हूँ, न उसकी कदकाठी मेरे जैसी है न ही मेरे शरीर की बनावट वैसी है. वहीँ आम आदमी पार्टी के नेताओं का दावा है कि वीडियो भले AI या डीप फेक नहीं है लेकिन इससे यह साबित नहीं हो जाता कि वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स पंजाब सीएम हैं. ये बड़ा हैरान करने वाला बयान है क्योंकी अबतक यही लोग यह दावा कर रहे थे कि यह वीडियो डीप फेक हैं और भगवंत मान को बदनाम करने के लिए जारी किया गया है अब कह रहे हैं भले डीप फेक नहीं है लेकिन वीडियो में भगवंत मान नहीं हैं.

खैर अकाल तख़्त के फैसले के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों पंजाब सरकार को निशाने में ले रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों भगवंत मान का इस्तीफा मांग रहे हैं. बीजेपी के राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने कहा कि भगवंत मान ने जो किया है वो शर्मनाक है.

वहीं पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि- भगवंत मान सिख है ही नहीं। जब अकाल तख़्त साहिब ने उनके बेअदबी कानून का विरोध किया तो उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।

दरअसल भगवंत मान के खिलाफ जारी आदेश का कारण सिर्फ वो वीडियो नहीं है बल्कि इसी साल अप्रैल में सरकार द्वारा लागू किया गया बेअदबी कानून भी है. आरोप लगाया गया कि इस कानून को लागू करने से पहले सिख समुदाय के गुरुओं-संतों से परामर्श नहीं किया था, अकाल तख्त ने बैठक बुलाकर इस कानून को न स्वीकारने की बात कही थी इसके बावजूद मान सरकार ने कानून पारित कर दिया था.

इस कार्रवाई से आम आदमी पार्टी बड़ी मुसीबत में फंस गई है. दो दिन पहले ही केजरीवाल ने भगवंत मान को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए सीएम कैंडिडेट घोषित किया है. अगले 7 से 8 महीनों में पंजाब में चुनाव हो सकते हैं. इधर चुनाव सिर पर हैं हैं और पंजाब के सीएम ही पंथ विरोधी घोषित कर दिए गए हैं जिसका खामियाजा आम आदमी पार्टी को भुगतना पड़ेगा। इधर केजरीवाल समेत पूरी आम आदमी पार्टी इसे अबतक साजिश ही मान रही है. आने वाले दिनों में हो सकता है कि आम आदमी पार्टी से जुड़े सिख नेता मान से दूरी बनाना शुरू कर दें, सिख अफसर उनका आदेश सुनने से इंकार कर दें क्योंकी अकाल तख़्त सिख कौम की सर्वोच्च संस्था है जिनका आदेश कोई सर्पोवारी माना जाता है.

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