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रीवा में बेलन नदी उफान पर, यूपी के बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद 12 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा

Belan River in spate in Rewa

Belan River in spate in Rewa

रीवा जिले के तराई अंचल में लगातार हो रही बारिश और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद बेलन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बुधवार को हालात यह हो गए कि डीह पुल के ऊपर से खतरे के निशान को पार करते हुए पानी बहने लगा, जिसके चलते लगभग 12 गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग और अन्य क्षेत्रों से कट गया है। इसके अलावा, चाकघाट के प्रसिद्ध शंकरघाट मंदिर के गर्भगृह तक भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जिससे आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है।

उत्तर प्रदेश के मेजा-अदवा और बाकिया बैराज से छोड़ा गया पानी

मिली जानकारी के अनुसार, रीवा के बाकिया बैराज के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मेजा और अदवा डैम से पानी छोड़े जाने के कारण बेलन नदी उफान पर है। हालांकि डीह, कैथा, गंथा, बजरा, सोनौरी कटरा, बसहट और कठौली जैसे गांवों में फिलहाल सीधे तौर पर बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण इन इलाकों पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। वहीं, नैना नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन द्वारा रेरूआ और गाड़रपुर्वा गांवों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

प्रशासन सतर्क: मुनादी कराकर लोगों को नदी से दूर रहने की दी जा रही सलाह

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रभावित और नदी किनारे बसे ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए प्रशासन द्वारा मुनादी कराई जा रही है और मुनादी के दूसरे माध्यमों से लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी स्थिति में नदी या जलभराव वाले खतरनाक इलाकों के पास न जाएं।

त्योंथर के एसडीएम राकेश चौरसिया ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बेलन नदी के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासनिक टीमें लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और ग्रामीणों को लगातार समझाइश दी जा रही है कि वे पूरी सावधानी बरतें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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