नईदिल्ली। महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की सांसद में 16,17 और 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इसके पूर्व सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना उद्रबोधन देते हुए कहा कि देश की संसद में एक बड़ा निणर्य लिया जाना है। वर्षो से इसकी प्रतिक्षा रही है और वह समय अब आ रहा है, जब ऐतिहासिक निणर्य लेने का समय है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से बड़ा बदलाव
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के जीवन का बड़ा अवसर बनने जा रहा है। अब विधानसभा एवं लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हे संसद तक पहुंचने का रास्ता आसान होगा। उन्होने कहा कि हमारी सरकार की योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप मजबूत होने के साथ ही और ताकतवर बन रही है।
मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन जानता सब हूं।
पीएम मोदी के उद्रबोधन में उस समय महिलाओं के चेहरों में मुस्कुराहट आ गई, जब उन्होने कहा कि मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन जानता सब हूं। आज हमारी माताओं का सम्मान बढ़ रहा है, क्योकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही है। अब बेटा भी उन्हे घर बुलाने के लिए आतुर रहता है, क्योकि उसकी मां आर्थिक रूप से अब कंमजोर नही है।
मुख्य बातें और संदर्भः
अनुभव साझाः पीएम ने जोर देकर कहा कि भले ही मैं सामान्य पारिवारिक जीवन से नहीं आता, लेकिन पिछले 2-3 दशकों के शासनकाल और महिलाओं से संवाद के कारण उनकी परेशानियां समझता हूं।
आर्थिक सशक्तिकरणः पीएम मोदी ने बताया कि कैसे उनकी सरकार ने महिलाओं को सीधे योजनाओं का लाभ देकर उन्हें घर की मालकिन और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है।
2029 का लक्ष्यः पीएम ने कहा कि महिला आरक्षण को हर हाल में 2029 के चुनावों तक लागू करना है और यह सभी दलों के सहयोग से संभव हुआ है।
