भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टी20 फॉर्मेट में मुश्किल दौर चल रहा है। टीम लगातार दूसरी टी20 सीरीज हारने की कगार पर है। पहले आयरलैंड ने भारत को क्लीन स्वीप किया और अब इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज में टीम इंडिया 3-0 से पिछड़ चुकी है।
खास बात यह है कि भारत ने ये मुकाबले करीबी अंतर से नहीं गंवाए, बल्कि पिछले दो मैचों में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। तीसरे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को 125 रनों से हराया, जबकि चौथे मुकाबले में 9 विकेट से मात दी।
इन खराब नतीजों के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI एक्शन मोड में आ गया है। बोर्ड कप्तान श्रेयस अय्यर, हेड कोच गौतम गंभीर, कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा करने की तैयारी में है।
गौतम गंभीर की भूमिका पर भी उठे सवाल
गौतम गंभीर का हेड कोच के तौर पर कॉन्ट्रैक्ट साल 2027 तक है, लेकिन टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद उनकी भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नहीं बल्कि कोचिंग स्टाफ की रणनीति और फैसलों का भी विश्लेषण करेगा। ब्रिस्टल में मिली शर्मनाक हार के बाद बोर्ड हार के कारणों को समझने में जुट गया है।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर भी निशाना
इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 में हार के साथ श्रेयस अय्यर की कप्तानी में लगातार पांचवीं हार दर्ज हुई। यह उनकी कप्तानी में दूसरी लगातार टी20 सीरीज हार है।
इससे पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप किया था। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले आयरलैंड की टीम भारत के खिलाफ किसी भी फॉर्मेट में एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई थी।
BCCI के लिए यह समीक्षा इसलिए भी अहम है क्योंकि टीम ने टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी थी, जो पिछले कुछ सालों से टी20 टीम का हिस्सा भी नहीं थे।
‘ट्रांजिशन फेज’ वाले बयान पर मचा विवाद
चौथे टी20 में हार के बाद श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन को ‘ट्रांजिशन फेज’ बताया था। हालांकि उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे।
फैंस का कहना है कि टीम में मौजूद ज्यादातर खिलाड़ी अब अनुभवी हैं, ऐसे में इसे बदलाव का दौर बताना सही नहीं लगता।

