‘Bagheli Sahitya Sangam’ was organized: मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद और म.प्र. शासन के संस्कृति विभाग के संयुक्त आयोजन में आज सतना के व्यंकटेश वाटिका, व्यंकटेश लोक मंदिर रोड, मुख्त्यारगंज में ‘बघेली साहित्य संगम’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें बघेली भाषा और साहित्य के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया गया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में अमरकंटक से राकेश सोनी और रीवा से चन्द्रकांत तिवारी ने शिरकत की। कार्यक्रम का संयोजन स्थानीय स्तर पर अनिल अयान और रामानुज पाठक ने कुशलतापूर्वक किया। डॉ. विकास दवे, निदेशक, साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद ने कहा कि यह संगम बघेली भाषा के संरक्षण, उसके प्रचार-प्रसार और समकालीन संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में साहित्यकारों, भाषाविदों, शोधकर्ताओं और बघेली भाषा-संस्कृति के प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। संगम ने बघेली बोली को जीवंत रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों को नई दिशा देने का काम किया। इस अवसर पर राजकुमार शर्मा, भृगुनाथ पांडेय ‘भ्रमर’, डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र, विभू सूरी, रामलखन सिंह ‘महगना’, रामानुज पांडे, रामगरीब पाण्डेय विकल, रामानुज पाठक, यू. बी. सिंह, सत्येंद्र सिंह सेंगर, डॉ विनय दुबे तथा जयराम शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ विद्वान एवं साहित्यकार उपस्थित रहे।
