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MP: बागेश्वर धाम बनेगा सनातन शिक्षा का प्रमुख केंद्र, जल्द शुरू होगा वेद विद्यालय

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Bageshwar Dham Gurukul: बागेश्वर धाम अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रह गया है, बल्कि सनातन शिक्षा का एक नया और मजबूत केंद्र बनने जा रहा है। फरवरी में आयोजित होने वाले सातवें कन्या विवाह महोत्सव के दौरान यहां गुरुकुलम और वेद विद्यालय की शुरुआत होगी, जहां काशी के विद्वान वेद-पुराण, रामायण, महाभारत और गीता जैसे ग्रंथों का ज्ञान देंगे।

Bageshwar Dham Gurukul: बागेश्वर धाम अब केवल श्रद्धा और आस्था का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि सनातन धर्म की शिक्षा का एक बड़ा केंद्र भी बनने जा रहा है। पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने घोषणा की है कि इसी साल फरवरी में होने वाले सातवें कन्या विवाह महोत्सव के दौरान धाम परिसर में वेद विद्यालय (गुरुकुल) की शुरुआत की जाएगी।

इस गुरुकुल में बनारस (काशी) से आए अनुभवी विद्वान शिक्षक बच्चों को वेद, पुराण, रामायण, महाभारत और भगवद्गीता जैसे पवित्र ग्रंथों की शिक्षा देंगे। धाम परिसर वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजेगा, जहां बटुक ब्राह्मण वेद मंत्रों का पाठ करेंगे।

विद्या ही जीवन भर का सहारा: धीरेंद्र शास्त्री

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने संस्कृत की प्रसिद्ध उक्ति “विदेशेषु धनं विद्या” का जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति घर से दूर हो और उसके पास धन न हो, लेकिन विद्या हो, तो वही विद्या हर परिस्थिति में उसका सहारा बनती है। उन्होंने बताया कि भोजन, पानी और धन का सहारा सीमित समय तक ही मिलता है, लेकिन विद्या जीवन भर साथ देती है। विद्या का दान सबसे बड़ा दान है, जो पूरे जीवन काम आता है। इसी सोच के साथ बागेश्वर धाम में इस वर्ष से वैदिक शिक्षा की शुरुआत हो रही है।

भावी पीढ़ी को संस्कारवान और ज्ञानवान बनाने का लक्ष्य

शास्त्री जी ने कहा कि तिलक धारण करना, शिखा बांधना, माता-पिता, गुरु और भगवान को प्रणाम करना जैसे संस्कार सनातन शिक्षा से ही आते हैं। आजकल लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं, जैसे यज्ञ क्यों किया जाए, मंत्रों का जप क्यों जरूरी है और धर्म के कार्यों में क्यों जुड़ना चाहिए। गुरुकुल की शिक्षा से इन सभी सवालों के उत्तर सहज रूप में मिलेंगे। गुरुकुल के माध्यम से तिलक का महत्व, यज्ञ की विधि और सनातन परंपराओं की जानकारी बच्चों तक आसानी से पहुंचेगी।

काशी के विद्वान करेंगे पढ़ाई, शुरुआत छोटे स्तर पर

गुरुकुल की स्थापना को लेकर पंडित शास्त्री ने बताया कि शुरुआत में तीन-चार कमरों में वेद विद्यालय का संचालन होगा। धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जाएगा। शिक्षकों का चयन कर लिया गया है और काशी के अनुभवी व विद्वान पंडित वैदिक विषयों की शिक्षा देंगे। गुरुकुल में वैदिक शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक शिक्षा भी दी जाएगी, ताकि समाज में फैल रही कुरीतियों पर रोक लगे और एक मजबूत, संस्कारयुक्त समाज का निर्माण हो।

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