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WPL 2026: आयुषी सोनी ‘रिटायर्ड आउट’, गुजरात की रणनीति पर उठे सवाल

Gujarat Giants batter Ayushi Soni in action during the WPL 2026 match against Mumbai Indians at DY Patil Stadium.

वुमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में गुजरात जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला न केवल रोमांचक रहा, बल्कि रणनीतिक फैसलों की वजह से इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। गुजरात की आयुषी सोनी WPL इतिहास में ‘रिटायर्ड आउट’ होने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। हालांकि, कोच के इस साहसिक फैसले के बावजूद गुजरात अपनी खराब फील्डिंग के कारण मैच हार गया।

‘रिटायर्ड आउट’ का ऐतिहासिक और कड़ा फैसला

गुजरात जायंट्स की पारी के 16वें ओवर के बाद एक चौंकाने वाला फैसला लिया गया। 14 गेंदों में केवल 11 रन बना पाईं आयुषी सोनी को वापस बुला लिया गया ताकि पावर-हिटर भारती फुलमाली को मौका दिया जा सके। कोच माइकल क्लिंगर ने मैच के बाद बताया कि यह निर्णय रन रेट को बढ़ाने के लिए लिया गया था। क्लिंगर के मुताबिक, इस फैसले की बदौलत टीम का स्कोर 170 के बजाय 190 के पार पहुँच सका।

यह फैसला व्यक्तिगत रूप से खिलाड़ी के लिए कठिन था, लेकिन टीम के दृष्टिकोण से यह कारगर रहा। भारती फुलमाली ने आते ही विस्फोटक बल्लेबाजी की और केवल 15 गेंदों में 36 रन ठोक दिए। भारती की इस पारी ने गुजरात को एक चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुँचाया, लेकिन टीम के बाकी हिस्सों में कमियां साफ दिखीं।

Ayushi Soni ‘retired out’: Gujarat Giants’ surprising decision shocked everyone

भारती और कनिका: गुजरात की हार में भारत की जीत

गुजरात जायंट्स को अक्सर अपनी विदेशी खिलाड़ियों (बेथ मूनी, सोफी डिवाइन) पर निर्भर माना जाता है। लेकिन इस मैच में भारतीय युवाओं, कनिका आहूजा और भारती फुलमाली ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कनिका ने टॉप ऑर्डर में प्रमोट किए जाने के बाद बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की और दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ रन बटोरे।

वहीं, भारती फुलमाली ने डेथ ओवरों में अपनी काबिलियत दिखाई। इन दोनों खिलाड़ियों के कैमियो ने यह साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में भी भारतीय घरेलू खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारती की इस पारी के बाद उनकी भारतीय राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

खराब फील्डिंग और छूटे कैच पड़े भारी

192 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भी गुजरात की टीम उसे डिफेंड नहीं कर पाई। इसकी सबसे बड़ी वजह रही खराब फील्डिंग। गुजरात के फील्डर्स ने मुंबई की कप्तान हरमनप्रीत कौर के तीन महत्वपूर्ण कैच छोड़े। इनमें से दो कैच आयुषी सोनी से छूटे, जिससे उनका डेब्यू मैच और भी निराशाजनक हो गया।

हरमनप्रीत कौर ने इन मौकों का पूरा फायदा उठाया और अंत तक डटी रहकर मुंबई को रिकॉर्ड जीत दिलाई। इसके अलावा, 9वें से 16वें ओवर के बीच गुजरात की धीमी बल्लेबाजी भी हार का एक बड़ा कारण रही, जहाँ टीम केवल 40 रन ही जोड़ सकी। कोच क्लिंगर ने स्वीकार किया कि इन गलतियों ने मैच का परिणाम बदल दिया।

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