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रीवा: TRS कॉलेज में गूंजा नारा “सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है”, छात्रों ने लिया एड्स के खिलाफ संकल्प

Awareness and dialogue program on World AIDS Vaccine Day in TRS CollegeAwareness and dialogue program on World AIDS Vaccine Day in TRS College

Awareness and dialogue program on World AIDS Vaccine Day in TRS College

रीवा। शासकीय ठाकुर रणमत सिंह (TRS) महाविद्यालय में विश्व एड्स वैक्सीन दिवस के मौके पर एक विशेष जागरूकता और संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पूरा कार्यक्रम कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के मार्गदर्शन में समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एचआईवी और एड्स के प्रति जागरूक करना था। साथ ही समाज में इसके प्रति वैज्ञानिक सोच पैदा करना था, ताकि इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को खत्म किया जा सके।

एड्स सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती: प्रो. अखिलेश शुक्ल
कार्यक्रम की शुरुआत समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश शुक्ल ने की। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही कि “सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।” प्रो. शुक्ल ने जोर देकर कहा कि एड्स को सिर्फ एक स्वास्थ्य समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह हमारे समाज के लिए एक बड़ी चुनौती भी है। इसके बाद उन्होंने छात्रों को इस दिवस के इतिहास, इसके उद्देश्य और संक्रमण से बचने के व्यावहारिक तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया।

हाथ मिलाने या साथ बैठने से नहीं फैलता एचआईवी: डॉ. रचना श्रीवास्तव
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय कन्या महाविद्यालय की समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रचना श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने भाषण में बताया कि विश्व एड्स वैक्सीन दिवस हर साल 18 मई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 1997 में हुई थी। डॉ. रचना ने छात्रों को एचआईवी और एड्स के बीच का बुनियादी अंतर समझाया। उन्होंने बीमारी के कारण और बचाव पर बात करते हुए समाज में फैली गलतफहमियों को दूर किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा: एचआईवी संक्रमण किसी के साथ सामान्य संपर्क में आने, हाथ मिलाने, साथ बैठने या एक साथ खाना खाने से बिल्कुल नहीं फैलता है। इसलिए मन से ऐसे किसी भी डर या संकोच को निकाल देना चाहिए।

युवाओं ने खुलकर की चर्चा, भेदभाव मिटाने पर दिया जोर
संवाद कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। युवाओं ने स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कई सवाल पूछे और अपने विचार रखे। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि युवाओं को एक जिम्मेदार और संवेदनशील जीवनशैली अपनानी चाहिए। इसके अलावा, समाज में एचआईवी संक्रमित लोगों के साथ होने वाले भेदभाव को पूरी तरह खत्म करने की बात कही गई। वक्ताओं ने कहा कि संक्रमित व्यक्तियों के प्रति हमारे मन में सहानुभूति और सम्मान का भाव होना चाहिए।

इन्होंने संभाली जिम्मेदारी, यह रहे उपस्थित
इस सफल कार्यक्रम का संचालन डॉ. निशा सिंह ने किया। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर शालिनी पांडे ने सभी अतिथियों और छात्रों का आभार व्यक्त किया। इस खास मौके पर कॉलेज के कई प्राध्यापक मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, डॉ. शाहिदा सिद्दीकी, डॉ. प्रियंका पांडे और योगेश निगम शामिल हैं।

अंत में सभी ने लिया बड़ा संकल्प
कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। कॉलेज के सभी प्राध्यापकों, अतिथियों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर यह प्रतिज्ञा ली कि वे समाज में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाएंगे। वे खुद भी अफवाहों से बचेंगे और दूसरों को भी बचाएंगे। साथ ही, एक ऐसे स्वस्थ और संवेदनशील समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे जहाँ किसी बीमार व्यक्ति के साथ भेदभाव न हो।

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