भोपाल। मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने राष्ट्रपति एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को दी जाने वाली अतिरिक्त वेतनवृद्धि को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शासन ने 29 जुलाई 2026 को जारी आदेश के माध्यम से पूर्व में जारी उन दोनों आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है, जिनके तहत पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा रहा था।
2023 के आदेश को किया गया निरस्त
शासनादेश में उल्लेख है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 24 सितंबर 2003 को जारी आदेश तथा उसके अनुपालन में जारी स्पष्टीकरण के आधार पर राष्ट्रपति-राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को दो वेतनवृद्धि तथा राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त सेवारत शिक्षकों को एक वेतनवृद्धि दिए जाने के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे।
दोहरे वित्तीय लाभ को बनाया आधार
स्कूल शिक्षा विभाग के 29 जुलाई के आदेश में कहा गया है कि उक्त दोनों आदेशों के कारण कतिपय प्रकरणों में दोहरा वित्तीय लाभ मिलने की स्थिति निर्मित हो रही है। इसी आधार पर राज्य शासन ने दोनों पुराने आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
शिक्षकों में मची खलबली
इस निर्णय के बाद उन शिक्षकों के बीच खलबली मच गई है, जिन्हें राष्ट्रपति अथवा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के आधार पर अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ मिल रहा था। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निरस्तीकरण 29 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।
आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त लोक शिक्षण, सभी संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों एवं जिला कोषालय अधिकारियों को भी भेजी गई है, जिससे इसका असर प्रदेश भर में संबंधित शिक्षकों के वेतन निर्धारण पर पड़ सकता है।

