Site icon SHABD SANCHI

दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है। उनके जाने से संगीत जगत में शोक की लहर है। जानिए उनके करियर, संघर्ष और दिग्गजों द्वारा दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

Legendary Indian singer Asha Bhosle passed away tribute image

Final journey of veteran singer Asha Bhosle

भारतीय संगीत जगत के एक सुनहरे युग का अंत हो गया है। सुरों की रानी और पद्म विभूषण से सम्मानित गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है। 90 वर्ष से अधिक की आयु में भी अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली आशा ताई ने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है।

आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय पार्श्व गायन (Playback Singing) की एक ऐसी संस्था थीं, जिन्होंने सात दशकों तक अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर चुलबुले पॉप और गंभीर गज़लों तक, हर विधा में खुद को साबित किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, वह पिछले कुछ दिनों से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आशा दीदी की कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने न केवल भारतीय संगीत को समृद्ध किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया। राजनीति से लेकर खेल जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने उनके योगदान को याद किया है।

संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति

आशा जी के जाने से बॉलीवुड और स्वतंत्र संगीत के क्षेत्र में एक खालीपन आ गया है। लता मंगेशकर के बाद, वह मंगेशकर परिवार का सबसे मजबूत स्तंभ थीं। उन्होंने अपने करियर में 12,000 से अधिक गाने गाए, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। उनके समकालीन गायकों और आज की पीढ़ी के कलाकारों ने उन्हें ‘संगीत की पाठशाला’ बताया है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर: आशा भोसले का निधन

आशा भोसले का जीवन संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल रहा है। जब उन्होंने गायन शुरू किया, तब उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर पहले से ही स्थापित थीं। आशा जी ने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने उन गानों को अपनाया जो चुनौतीपूर्ण थे और जिनमें विविधता की जरूरत थी। ‘ओ पी नैय्यर’ और ‘आर डी बर्मन’ के साथ उनकी जुगलबंदी ने भारतीय संगीत को एक नया आयाम दिया।

बहुमुखी प्रतिभा की धनी

आशा जी की आवाज में एक अनोखा लचीलापन था। जहाँ उन्होंने ‘इन आँखों की मस्ती के’ जैसी गज़लें गाईं, वहीं ‘दम मारो दम’ जैसे गानों से युवाओं को अपना दीवाना बना लिया। उनकी आवाज की रेंज इतनी व्यापक थी कि वह किसी भी उम्र की अभिनेत्री पर पूरी तरह फिट बैठती थी। उन्होंने कई क्षेत्रीय भाषाओं में भी अपनी गायकी का लोहा मनवाया।

अंतिम विदाई की तैयारी

मुंबई में उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि लोग अनुशासन के साथ अपनी प्रिय गायिका को अंतिम विदाई दे सकें।

अधिक जानकारी के लिए, आज ही Shabdsanchi के सोशल मीडिया पेजों को फ़ॉलो करें और अपडेटेड रहें।

Exit mobile version