कड़े इम्तहान रखे अपने लिए तब जाके हुए गायकी में माहिर अरिजीत सिंह और आज भी है यही जज़्बा बरक़रार

arijeet (1)

Viral News Of Bollywood : एक ऐसा सिंगर जो जब हमारे सामने आया था तो कुछ और था और आज कुछ और लगता है जिसने अपनी मेहनत के बल पर अपनी आवाज़ को इतना पारंगत बनाया कि उसकी आवाज़ में शास्त्रीयता के साथ गीतों ने अपने जज़्बातों को बयाँ करने का एक मुख्तलिफ अंदाज़ पेश किया और हम उनके इस हुनर के कायल हो गए जी हाँ ये हैं मशहूर सिंगर अरिजीत सिंह जो आज इस बात को लेकर बहोत चर्चा में हैं कि महज़ 38 साल की उम्र में उन्होंनें प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास ले लिया है और उनकी इस घोषणा ने उनके फैंस का दिल तोड़ दिया है हर कोई बस यही जानना चाहता है कि इतने दिलनशीं गाने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को देने वाले अरिजीत ने ऐसा क्यों किया तो आइये इसी क्यों की वजह तलाश करने की कोशिश करते हैं।

क्या है इंडस्ट्री में मक़ाम :-

अरिजीत का करियर इस वक़्त पीक पर है और ऐसे में उनका संन्यास लेने का ये ऐलान उनके चाहने वालों को परेशान कर रहा है जबकि अब तक उन्होंने अपने बेशुमार गीतों के साथ ‘बाजीराव मस्तानी’ के दिलनशीं गीत ‘तुझे याद कर लिया है. .’ जैसे गानों से रूहानी सुकून देने वाली आवाज़ के रूप में फिल्म जगत में अपनी एक अलग जगह बना ली थी और हाल ही में उन्होंनें सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ में गाना गाया है ‘मातृभूमि’, तो वहीं ‘बॉर्डर 2’ में ‘घर कब आओगे’ गाकर फिर सबका दिल जीत लिया था।

अफवाह तो नहीं है :-

हम आपको बता दें कि ये कोई अफवाह भी नहीं है क्योंकि ये फैसला उन्होंने खुद अपने X अकाउंट पर 27 जनवरी को सुनाया और फिर इंस्टाग्राम पर एक स्टेटमेंट जारी किया बस इसके बाद से उनके फैंस न केवल हैरान परेशान हैं बल्कि उनसे रिक्वेस्ट भी कर रहे हैं कि वो ऐसा न करें पर अरिजीत ने ट्वीट करके कहा कि उन्होंनें बहोत सोच समझ कर ये फैसला लिया है और कहा – मेरे साथ अभी कुछ भी ऐसा नहीं हुआ है जिसकी वजह से मै ये फैसला लेने पर मजबूर हो गया हूँ।

क्यों लिया संन्यास का फैसला :-

आगे उन्होंने लिखा कि इस फैसले के पीछे बहोत सी वजह और बहोत से पहलू ज़िम्मेदार हैं, जिसमें एक बड़ी वजह ये है कि मेरे लिए बहोत जल्दी किया हुआ एक काम पुराना हो जाता है और मै निकल पड़ता हूँ फिर कुछ नया करने और ये लाइव परफॉर्मेंस में आसान है और इंट्रेस्टिंग भी है पर प्लेबैक सिंगिंग में ऐसा नहीं किया जा सकता एक बार जो धुन बन गई उसे पे गाना होता है ,आप अपनी धुन नहीं बदल सकते इसलिए मै बोर भी हो जाता हूँ।

क्या चाहते हैं अरिजीत :-

अरिजीत कहते हैं अगर मुझे कुछ बेहतर करना है तो मुझे एक्सपेरिमेंट करने होंगे, अपनी आवाज़ और गायकी में भी इसलिए मुझे दुनिया से और बहोत कुछ सीखना है। मै चाहता हूँ कि बॉलीवुड में और नए सिंगर्स आएँ ,हमारी फिल्म इंडस्ट्री को और बेहतर आवाज़ें मिलें।आखिर में इतने प्यार और सम्मान के लिए धन्यवाद देते हुए उन्होंने अपने फैंस को तसल्ली दी कि वो म्यूज़िक से जुड़े रहेंगे और हमारे लिए अच्छे से अच्छा कुछ पेश करने की पूरी कोशिश करेंगें।

करियर और स्टारडम :-

हम आपको बता दें कि 1987 में पश्चिम बंगाल के जीयागंज में पैदा हुए अरिजीत को संगीत विरासत में मिला उनकी माँ क्लासिकल सिंगर थीं और मौसी तबला वादक, अरिजीत ने भी बाक़ायदा संगीत सीखा फिर ख़ुद को आज़माने के लिए साल 2005 में रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में पहुँचे हालाँकि वो शो के विजेता नहीं बनें लेकिन उनके स्वरों ने सबके दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी और अरिजीत ने एक और शो में क़दम रखा और जीत हासिल की ,जिसका नाम था ’10 के 10 ले गए दिल’ और तब से लेकर अब तक अरिजीत एक से बढ़कर एक गाने अपनी आवाज़ में पिरो रहे थे उन के बॉलीवुड करियर में सबसे बड़ा ट्विस्ट ‘आशिकी 2’ के गाने ‘तुम ही हो’ के बाद आया, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

कैसे बनें हरदिल अज़ीज़ :-

अरिजीत केवल अपने गानों से सबके चहीते सिंगर नहीं बनें हैं बल्कि वो अपने नेचर और लाइफ स्टाइल की वजह से भी सबका दिल जीत लेते हैं वो कहीं भी बड़ी ख़ुश मिज़ाजी से अपने फैंस से मुलाक़ात कर लेते हैं और डाउन टू अर्थ तो इतने हैं कि अपनी आलीशान गाड़ी छोड़कर स्कूटी पे भी सड़कों पर दिख जाते हैं और हम आप ही नहीं उनके जैसे और सिंगर भी अरिजीत की इस मासूमियत और साफगोई के कायल हैं और उनका हर दफा कुछ बेमिसाल और नया करने की ललक सबको उनका दीवाना बना देती है।

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