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Arijit Singh Retirement: प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास का ऐलान

Singer Arijit Singh performing on stage with text I Am Calling It Off.

Arijit Singh announces retirement from Bollywood playback singing.

भारतीय संगीत जगत के सबसे बड़े सितारों में से एक, अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से अचानक संन्यास लेकर सबको चौंका दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे अब फिल्मों के लिए नए गाने नहीं गाएंगे। अरिजीत का यह फैसला बॉलीवुड में संगीतकारों के साथ होने वाले भेदभाव और ‘अन्यायपूर्ण’ भुगतान प्रणालियों पर फिर से बहस छेड़ गया है।

Arijit Singh Retirement: अचानक लिए फैसले ने किया हैरान

मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और एक्स (X) पर किए गए एक पोस्ट ने पूरे देश के संगीत प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया। अरिजीत सिंह, जिन्हें ‘वॉइस ऑफ ए जनरेशन’ कहा जाता है, ने स्पष्ट किया कि वे अपने मौजूदा प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के बाद प्लेबैक सिंगिंग को अलविदा कह देंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वे संगीत से दूर नहीं जा रहे हैं, बल्कि अपनी जड़ों यानी ‘भारतीय शास्त्रीय संगीत’ की ओर लौट रहे हैं।

Arijit Singh announces retirement from Bollywood playback singing

बॉलीवुड के पेमेंट स्ट्रक्चर पर उठाए तीखे सवाल

अरिजीत सिंह का यह फैसला केवल एक व्यक्तिगत चुनाव नहीं है, बल्कि इसके पीछे फिल्म इंडस्ट्री की गहरी विसंगतियां भी छिपी हैं। पिछले कुछ समय से अरिजीत लगातार इस बात पर जोर दे रहे थे कि बॉलीवुड का व्यापारिक ढांचा कलाकारों के प्रति निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री कलाकारों के दम पर चलती है, लेकिन जब मुनाफे की बात आती है, तो कलाकार को उसका उचित हक नहीं मिलता।

‘कलाकार को मार रहा है व्यापार’

अरिजीत का मानना है कि कलाकारों के साथ होने वाला ‘मोलभाव’ (Negotiation) अक्सर शोषण में बदल जाता है। उनके अनुसार, बातचीत मौखिक होती है, काम कुछ और कराया जाता है और अंत में भुगतान कुछ और ही मिलता है। अरिजीत ने चेतावनी देते हुए कहा, “जब मेहनत के अनुपात में पैसा नहीं मिलता, तो वह प्रक्रिया एक कलाकार को भीतर से मार देती है।” उनके अनुसार, अत्यधिक तनाव और अनिश्चितता के कारण कई टैलेंटेड लोग इस क्षेत्र को छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं।

खुद के नाम और गानों से होने लगी थी चिड़

अरिजीत ने एक इंटरव्यू में साझा किया था कि शोहरत का बोझ उन पर इतना हावी हो गया था कि उन्हें अपना ही नाम सुनकर झुंझलाहट होने लगी थी। उन्होंने बताया, “एक समय ऐसा आया जब लोग मेरा नाम चिल्लाते थे और मुझे वह शोर लगने लगा। मुझे अपने ही गानों से चिड़ होने लगी थी।” स्थिति यहाँ तक पहुँच गई थी कि उन्होंने अपने घर में खुद के गाने बजाने पर पाबंदी लगा दी थी। यह मानसिक दबाव और अपनी पहचान खोने का डर भी उनके इस बड़े फैसले का एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

Arijit Singh declaring his retirement from playback singing

शास्त्रीय संगीत और स्वतंत्र गीतों पर फोकस

रिटायरमेंट के बाद अरिजीत का पूरा ध्यान भारतीय शास्त्रीय संगीत (Indian Classical Music) और स्वतंत्र संगीत आयोजनों (Independent Gigs) पर होगा। वे अब अपनी पसंद का संगीत बनाना चाहते हैं, न कि किसी कमर्शियल फिल्म की डिमांड के अनुसार। उन्होंने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफर बेहद खूबसूरत रहा और अब वे अपनी रूह को सुकून देने वाला काम करना चाहते हैं।

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