MP: लव जिहाद फंडिंग मामले में आरोपी पूर्व पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत को जमानत

Indore News

Anwar Qadri alias Anwar Dacoit Bail: इंदौर में कांग्रेस के पूर्व पार्षद अनवर कादरी (उर्फ अनवर डकैत) को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। वह पिछले पांच महीनों से लव जिहाद फंडिंग के मामले में जेल में बंद थे।

Anwar Qadri alias Anwar Dacoit Bail: लव जिहाद के लिए फंडिंग करने के गंभीर आरोप में जेल में बंद पूर्व पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। पांच महीने से अधिक समय जेल में बिताने के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की बेंच ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।

जिला कोर्ट में याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने दी राहत

29 अगस्त 2025 को अनवर कादरी ने इंदौर जिला कोर्ट में सरेंडर किया था और जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन जिला कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां उनकी याचिका को मंजूरी मिल गई। कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं, हालांकि विस्तृत शर्तों की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

केस की शुरुआत और आरोप

पिछले साल जून 2025 में बाणगंगा थाने में लव जिहाद फंडिंग का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस जांच में दो युवकों (साहिल और अल्ताफ) ने कबूल किया कि अनवर कादरी ने हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाने और विवाह कराने के लिए उन्हें दो लाख रुपये दिए थे। आरोपियों के बयानों के आधार पर अनवर को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन वे फरार हो गए।

अनवर कादरी ने कई स्थानों पर फरारी काटी

अनवर कादरी ने करीब 55 दिनों तक महाराष्ट्र, नेपाल, कर्नाटक समेत विभिन्न स्थानों पर फरारी की जिंदगी काटी। पुलिस ने उनके सिर पर 40 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। वे दिल्ली में भी छिपे हुए थे, जहां उनकी बेटी आयशा रहती है। आयशा के जरिए भी जमानत की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने आयशा पर भी केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया (बाद में उसकी जमानत हो गई)। आखिरकार 29 अगस्त 2025 को अनवर ने जिला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर के समय उन्होंने अपना हुलिया बदल रखा था।

पार्षद पद से हटाए गए, दर्ज हैं दर्जनों मामले

अनवर कादरी पर इंदौर के विभिन्न थानों में कुल 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें डकैती (भादंसं 392), अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं। इनमें महाकाल थाना उज्जैन में एक, संयोगितागंज में 7, सदर बाजार में 4, खजराना में 3, बाणगंगा में 2, चंदन नगर में 2 तथा जूनी इंदौर, सराफा, छोटी ग्वालटोली और एमजी रोड थानों में 1-1 मामले दर्ज हैं। इन मामलों के आधार पर इंदौर नगर निगम ने उन्हें पार्षद पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया और पद से हटा दिया। इससे पहले वे वार्ड 58 से कांग्रेस के पार्षद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *