इंदौर। इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या नहीं थम रही है। सोमवार को मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया है। शहर के भागीरथपुरा की इमली गली में रहने वाले 65 साल के बुजूर्ग भगवान भारने ने शेल्बी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जो जानकारी आ रही है उसके तहत भगवान भारने करीब 10 दिन से हॉस्पिटल में एडमिट थे। पहले उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। बाद में बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जब उन्हें यहां लाया गया तो उस दौरान कार्डियक अरेस्ट आया था। इस पर सीपीआर देकर उन्हें फिर वेंटिलेटर पर लिया गया था। उन्हें गैंग्रीन सहित मल्टी ऑर्गन्स फेल्यूअर जैसी तकलीफ थी।
29 दिसंबर को सामने आया था पानी से कहर
ज्ञात हो कि इंदौर का भागीरथपुरा कांड 29 दिसंबर को चर्चा में आया था, जब 100 से अधिक लोग बीमार पड़े थे। इसके बाद ही दूषित जल से लोगों के मरने की जानकारी भी सामने आने लगी थी। भागीरथपुरा में अभी भी लोगों में दूषित पानी का डर बना हुआ है। लोग आरओ, बोरिंग और बोतल के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। पानी को छानकर और उबालकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
जारी की गई बुलेटिन
11 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग ने जो बुलेटिन जारी किया है उसके मुताबिक 50 दलों ने भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे किया। 176 सदस्यों ने 924 घरों में ओआरएस और जिंक की गोलियां दी। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जांचे भी की गई। इलाके में आज ओपीडी में 13 मरीज डायरिया के आए, जिसमें से 1 को रेफर किया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भागीरथपुरा इलाके का दौरा किया। यहां पर चल रहे कामों को देखा। इलाके में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की भी समीक्षा की। लगातार टीम के माध्यम से लोगों को पानी उबालकर, छानकर पीने के संबंध में अनाउंसमेंट करने, ड्रेनेज सीवरेज लाइन की सफाई करने, सफाई के बाद निकलने वाली गाद को तुरंत हटाने, मलेरिया टीम द्वारा नाला सफाई करने के लिए भी कहा है।
