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नीट परीक्षा घोटाले पर फूटा गुस्सा: रीवा में NSUI ने कॉलेज चौराहे पर फूंका पीएम का पुतला

Anger erupts over NEET exam scamAnger erupts over NEET exam scam

Anger erupts over NEET exam scam

रीवा। नीट (NEET) परीक्षा में सामने आई धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर पूरे देश में मचे घमासान के बीच अब रीवा में भी छात्र सड़क पर उतर आए हैं। बुधवार को टीआरएस महाविद्यालय के एनएसयूआई अध्यक्ष नितकर्ष मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने शहर के व्यस्ततम कॉलेज चौराहे पर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के कारण काफी देर तक चौराहे पर गहमागहमी की स्थिति बनी रही।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीट जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की घटनाओं ने शिक्षा तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। छात्र नेताओं ने कहा कि एक ओर जहां गरीब परिवार अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा काटकर बच्चों को इस उम्मीद में पढ़ाता है कि वे डॉक्टर बनकर देश की सेवा करेंगे, वहीं दूसरी ओर भ्रष्ट व्यवस्था और पेपर माफिया उनकी मेहनत और सपनों को बेरहमी से कुचल रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि इस घोटाले ने पूरे देश के युवाओं के मनोबल को गिरा दिया है।

एनएसयूआई अध्यक्ष नितकर्ष मिश्रा ने आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि रातों की नींद त्याग कर और सालों तक कठिन परिश्रम कर परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं का भरोसा अब इस लचर तंत्र से पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की गोपनीयता भंग होना मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि युवाओं को न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन आने वाले समय में और भी उग्र रूप धारण करेगा।

अंत में, प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे परीक्षा घोटाले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए ताकि पर्दे के पीछे बैठे असली दोषियों को बेनकाब कर उन पर कठोरतम कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, छात्रों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एक अभेद्य और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे फिर कभी किसी गरीब और मेहनती छात्र का हक न मारा जा सके।

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