सतना। शहर के नई बस्ती इलाके से बीती शाम से लापता 5 वर्षीय मासूम का शव शनिवार को नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज के एक खुले व निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में उतराता हुआ मिला है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से निर्माणाधीन परिसर में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।
मजदूरी करने आया था परिवार, खेलते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मासूम आशीष बरदहा का परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का निवासी है। यह गरीब परिवार पिछले छह महीने से सतना के इस नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज में मजदूरी करने आया था और परिसर के पास ही झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहा था। रोज की तरह घटना के समय भी परिवार के सदस्य काम पर गए हुए थे और मासूम पास में ही खेल रहा था, तभी वह अचानक लापता हो गया।
रात भर खोजबीन के बाद थाने में दर्ज कराई थी गुमशुदगी
शाम को जब परिजन काम से लौटे, तो मासूम को वहां न पाकर उनके होश उड़ गए। आसपास के पूरे इलाके में काफी खोजबीन करने के बाद भी जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने देर रात कोलगवां थाने पहुंचकर मामले की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की।
खुले टैंक ने ली जान, पुलिस जांच में जुटी
शनिवार सुबह पुलिस और परिजन जब तलाश कर रहे थे, तभी मासूम की लाश मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में तैरती हुई पाई गई। दरअसल, यह सेप्टिक टैंक ऊपर से पूरी तरह खुला हुआ था और उसमें पानी भरा था। आशंका जताई जा रही है कि बच्चा खेलते-खेलते सेप्टिक टैंक के पास पहुंच गया होगा और पैर फिसलने के कारण वह उसमें डूब गया।
घटना की सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस ने शव को फंदे और क्रेन की मदद से बाहर निकलवाया और पंचनामा संपादन के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मर्ग कायम कर पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

